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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Akshay tritiya mahamahochav chandan lepakiyen nandlal ..
अक्षय तृतीया महामहोच्छव चंदन लेपकियें नंदलाल ॥ बीचबीच केसरके बुंदका रुचिर बनावत ब्रजकी बाल ॥ १॥ करन फूलचंदनके शोभित ओर गुंजा वेजंयतीमाल ॥ कृष्णदासप्रभुकी यह लीला निरखत ह॒दे बसे नंदलाल ॥२॥
Akshay Tritya
NityaPad-234
Saarang
Akshay tritiya akshay sukhanidhi piyakon priya chadhaave chandan....
अक्षय तृतीया अक्षय सुखनिधि पियकों प्रिया चढावे चन्दन।॥। तबही प्रिया सिंगारी नारी अरगजा घोरि सुघर नंदनंदन॥।१॥ ले दरपन निरखेंजु परस्पर रीझ रीझ चर्चित नव वंदन ॥। नंदनदास प्रभुपिय रसभीजे ज़ुबतिन सुखद विरह दुखकंदन ॥॥२॥।
Akshay Tritya
NityaPad-234
Saarang
Akshay tritiya shubhdin neeko chandan peherat navalkishore ..
अक्षय तृतीया शुभदिन नीको चंदन पेहेरत नवलकिशोर ।। उज्बल बसन नवीनसो राजत फेंटाके नीके छटछोर ॥१॥ केसर तिलक माल फुलनकी पेहेरें ठाडेरंगभरे।। आसपास युवतीजन शोभित गावत मंगल गीतखरे।।२॥ मुसकतरहेंथोरे थोरे से बोलत रसाल लखीरी ॥ अति अनुराग भरे मोहनकों कृष्णदासतहांदेतहे बीरी ॥ ३॥।
Akshay Tritya
NityaPad-234
Saarang
Akshayatritiya giridhar baithe chandanko tunn lepakiyen ...
अक्षयतृतीया गिरिधर बैठे चंदनको तन लेपकियें ॥। प्रफुल्लित बदन सुधाकर निरखत गोपी नयन चकोर पियें ॥१॥॥ कनक वरण शिरबन्यो टिपारों ठाडेहें कर कमल लियें ॥ गोविंदप्रभुकी बांनिक निरखत वारफेर तनमनजु दिये ॥।२।।
Akshay Tritya
NityaPad-234
Saarang
Akshayatritiya akshayalila navrang giridhar paherat chandan ..
अक्षयतृतीया अक्षयलीला नवरंग गिरिधर पहेरत चन्दन ।। वामभाग वृषभाननंदिनी बिचबिच चित्रकिये नववंदन ॥१॥ तन सुख छींट इजार बर्नीहे पीतउपरना विरह निकंदन ॥ उर उदार वनमाल मल्लिका सुभग पाग युवतिन मनफंदन।॥।२॥ नखशिख रत्न अलंकृत भूषण श्रीवललभमारग जनरंजन ।। कृष्णदासप्रभु गिरिधर नागर लोचन चपल त्नजावत खंजन ॥३॥|
Akshay Tritya
NityaPad-234
Saarang
Parav greesham aadi maani nidan ritraj vaishakh sud akshay tritiya ..
परव ग्रीषम आदि मानि निदान ऋतराज वैशाख सुद अक्षय तृतीया ॥ कुंजके द्वार ठाडे लसत गिरिधरन राधिका अंस पर बाहु धरिया ॥१॥ पीत परिधान राजत सामल अंग कियें चन्दन लेप चित्र अवरेखीया ॥ हंस ममनी द्वारकेशकी स्वामिनी ठुमकि चलत तब बजत बिछीया ॥॥२॥।
Chandan
NityaPad-235
Saarang
Chandan mahel mein podhe piya pyaari baat karat mill hasat paraspar ..|
चन्दन महेल में पोढे पिय प्यारी बात करत मिल हसत परस्पर ॥| चन्दन सेज संबारी चरच कर चन्दन पंक चहुं दिस छिरकत निरखतनेंन अति आनंद भर ॥१॥ चन्दन पंखा सख्री ढुराबत रूप निहारत अतिही चोंप करि ॥ सुरदास मदन मोहन चन्दनके महल पोढे बारवार तुन तोरत सहचारि ॥ २।।
Chandan
NityaPad-235
Adano
Paanyan chandan
पांयन चंदन लगाउगीं ॥ बहो भाँतन बिजना ढुराऊं छिरक गुलाब जलसों नैन सिराऊंगी ॥ १॥ अगर कपूर धसि अंग लगाऊं मृदमद आड़ बनाऊंगी ॥ कल्यान के प्रभु गिरिधरन छबीले लैले लाड लड्याऊंगी ॥२॥
Chandan
NityaPad-235
Nayaki
Aajko dinn dhanee dhanri maee nain bhar dekhe nandanandan ..
आजको दिन धनी धनरी मई नैन भर देखे नंदनंदन ॥ परम उदार मनोहर मूरति तापहरन नख पूजित चंदन ॥१॥ रसिक राय श्री गोवर्धन धारी रूप रासि युवतिन मन फंदन ॥ ध्वजा वज़् जब अंकुश बिराजत कृष्णदास कीये पद बंदन ॥।२॥।
Chandan
NityaPad-235
Adano
Chandan paherat aavat haye navrang rangilo ..
चंदन पहेरत आवत हे नवरंग रंगीलो ॥ चंदनकों तन पाग पिछोरा चंदन छबिही छबिलो ॥१॥ चन्दन की तन खोर कीए हें चन्दन लागत अरबीलो ॥ कृष्णदास प्रभु परम मनोहर लागत परम रसीलो ॥२॥
Chandan
NityaPad-235
Saarang
Laal podhiye joo baal ruchir sez banaai...
लाल पोढीये जु बाल रुचिर सेज बनाई।॥ सोंधे सुवास छिरक कुमकुमा चन्दन अति सुंदर सुखदाई ॥।१॥ बिरा पोहोपमाल भोग राग अति रसाल रसई रस केलि करत ब्रजजन मन भाई ॥ वृन्दावन प्रभु चन्द चांदनी किसोरी कुंवर रहस रहस हंस कंठ लगाई ॥२॥
Chandan
NityaPad-235
Adano
Chandan paher naav hari baithe sanga vrishbhan dulari hoe ..
चंदन पहेर नाव हरि बैठे संग वृषभान दुलारी हो ॥ यमुना पुलिम फूल शोभित तहां खेलत लाल बिहारीहो ॥१॥ त्रिविध पवन बहत सुखदायक सीतल मंद सुगंधा हो ॥ कमल प्रकाश कुसुम बहु फूले जहां राजत नंदनंदाहो ॥ २॥ अक्षय तृतीया अक्षय लीला संग राधाका प्यारी हो ॥ करतबिहार सबे सखीसों नंददास बलिहारी हो ॥३॥
Chandan
NityaPad-235
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