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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Jamunatir ahiran bheeran mohan naav chalawat jaaee ..
जमुनातीर अहीरन भीरन मोहन नाव चलावत जाई ॥ सुंदर मुख अवबलोकित सब त्रिय अंतरंग मानों नवनिधि पाई ॥।१ ॥ सुंदर सुखद स्वत अंगअंग पीय अति मुदुबेन सुनर्त न अघाई ॥ श्रीविद्ठल गिरिधर बिन देखें केसें धीर रहे मेरी माई ॥२॥
Naav
NityaPad-253
Saarang
Shyam jamunan beach khewat naav .. aeka sakhee aaee gharaten kahey
श्याम जमुनां बीच खेवत नाव ॥ एक सखी आई घरतें कहे मोहुकों बेठाव ॥१॥ बेठों केसे घाट ओघट हे रपट परत हैं पाय ॥| हाथ पकर बेठाय आप ढिंग रसिकन रच्यो उपाय ॥२॥
Naav
NityaPad-253
Saarang
Vrindaavan yamuna key jall khewat naav lalitaadik jahaan kunj
वृन्दावन यमुना के जल खेवत नाव ललितादिक जहां कुंज कुसम रचित बैठे हरि राधा ॥। प्रफुल्लित मुख दोऊ बने अरगजा रंग सारी पाग मोती भूषन सुभग अंग तेसी है रूप अगाधा ॥१॥ बारबार त्तट हरे द्रम गजबर कमनीय केलि मृदु सुगंध फेलि रहो तरनि तेज न बाधा ॥। जंत्रन जल फूंही परत सुख दायक सखी जहां ब्रजाधीश मधुरी तान गावत सुर साधा ॥२॥
Naav
NityaPad-253
Saarang
Shwet paradani.. aajati shobhit haye
श्वेत परदनी॥ आजअति शोभित हे ब्रजनाथ॥ श्वेतपरदनी अरु उपरना चंदन लाग्यो गात॥।१॥ मोतीन माल बिराजत उरपर लिये कमलदल हाथ।॥ सूरदास उपमा कहा बरनों गिरि गोवरधननाथ |
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Saarang
Banaa sir sahero banyo atiniko...
बना सिर सहेरो बन्यो अतिनीको।॥ पीत पिछोरा उर चंदनकी खोर दुल्हेजान ललीको ॥१॥ मंगलजस गावत युवतिजन आरती करत मनहीको ॥ परमानंद यशोदामैया देत बधैयवा सबहीको ॥।२॥
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Saarang
Pahere laal evetparadani jheeni |
पहेरे लाल एवेतपरदनी झीनी | मृगमद छाप कीनी केसरकी सीतल अरगज़ा भीनी॥।|१।।| गोरोचनको तिलक बिराजत अतिसुगंध कपूर मिलानी।। कमल लीये कर परमानंद शोभा निरख प्यारी रूप लुभानी॥२॥
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Gwal pagaa key pada..
ग्वाल पगा के पद॥ जै छेल छबीले रंगरंगीले ग्वालपगा आज धर्यो मस्तकपर।॥ छोर छबीलो पीतरंगको सूंथन कटि तेसो ओढे पीताम्बर॥ १ ॥ मोतीयन कुसुममाल उरस्थल कुंज महल बेठे राधावर।। सीतल सरस सुवास लेत तहां कुंभनदास प्रभु गोवरधनधर।॥२॥
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Saarang
Sohat lalpardani atijhini..
सोहत लालपरदनी अतिझीनी॥ तापर एक अधिक छबि उपजत जलसूुत पांति बनी कटी छीनी ॥ १ ॥ उज्ज्वलपाग स्याम सिर शोभित अलकावली मधुप मधुपीनी ॥ कुंभनदास प्रभु गोवरधनधर चपल नयन युवतीन बस कीनी॥२॥
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Saarang
Arrie jamuna jall paan kareri..
एरी जमुना जल पान करेरी॥ निरख सख्री वीजना ढुरावे तन चंदन सबतन लेप करेरी ॥१॥ नाव बनी बंगला छबि राजत ग्रही राधा नव॒ल वरेरी ।। दास गदाधर जमुना जल क्रीडत ग्रीष्म रितु दूर करेरी || २॥।
Naav
NityaPad-254
Kafi
Shyam maaee shwet paradani pahere...
श्याम माई श्वेत परदनी पहेरे।॥ टेढी पाग शिर मोर पखौवा बांधे हेरे ॥१॥ नवल निकुंज पुष्प शब्या रची छीरक्यो ._ गुलाबजल गहेरे। मुरारीदास प्रभु चंदनको लेप कीयो पतन चलत जब हेरे॥२॥
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Saarang
Kalindike ghaat maano thadoi rahatsada merrie maaee ..
कालिन्दीके घाट मानो ठाडोई रहतसदा मेरी माई ॥ एकन नाव चढावत माई एकनको ललचावत माई ॥१॥ सुंदर कर परसत जब मोहन कछु रस सींच सुधा बरखाई ॥ 'श्रीविड्डल गिरिधर' निहार हरि हँसि हँसि कंठ लगाई ॥२॥
Naav
NityaPad-254
Saarang
Sahero or pichhora...
सहेरो ओर पिछोरा।॥ बना सिर सहेरो बन्यो अतिनीको।॥ पीत पिछोरा उर चंदनकी खोर दुल्हेजान ललीको ॥१॥ मंगलजस गावत युवतिजन आरती करत मनहीको ॥ परमानंद यशोदामैया देत बधैयवा सबहीको ॥।२॥
Ushnakaal - Pardanee
NityaPad-254
Saarang

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