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Kirtan Title | Kirtan | Category | Book-Page# | Raag |
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Sunder atee nandjuko chhagan maganiyan. | सुन्दर अति नंदजुको छगन मगनीयां।
कटिपर आडबंद अतिनीको भीत र झलकत तनियां॥ १ ॥
लाल गोपाल लाडले मेरे सोहत चरन पैजनियां |
परमानंद दास के प्रभु यह छबि कहेत न बनियां।२॥ | Ushnakaal - Pardanee | NityaPad-255 | Saarang |
Sobhit aadband atee neeko.. | सोभित आडबंद अति नीको।।
खासाको सोहे सिर फेंटा लाल बन्यो नंदजीको ॥ १ ॥
मोतिन माल बिराजत उर पर लिये कमलदल ही को॥
कुंभनदास प्रभु गोवर्धनधर लाल भामतो जीको ॥२॥। | Ushnakaal - Pardanee | NityaPad-255 | Saarang |
Aaee hoe abahi dekh sudhar sunder bhekh thadori larika aeka rupco bavro .. | आई हो अबही देख सुधर सुंदर भेख ठाडोरी लरिका एक रूपको बावरो ॥
परदनी फबत पटुका कंठ फरहरतहे करत उनमान मैन बनत नहि रावरो ॥ १ ॥
नीर जमुना के तीर भरत रही गागर देत जबहि उठाय देखत सब गामरो॥
कृष्णदासनिनाथ नंदनंदन कुंवर हृदय मे बसत वर मेरोई सांवरो ॥ २॥। | Ushnakaal - Pardanee | NityaPad-255 | Saarang |
Aaj atee sobhit haye nandlal. | आज अति सोभित है नंदलाल।
कोर केसरी धोती पहरे ओर उपरना लाल ॥ १ ॥
चंदन अंग लगाय सांवरो अरु राजत बन माल॥
अति अनुराग भरी ब्रजबनिता बल बल दास गोपाल॥२॥ | Ushnakaal - Pardanee | NityaPad-255 | Saarang |
Chugalvar... gaur shyam abhiram rangbhare latak latak pug dharat avanipar | 1... | चुगलवर।॥ गौर श्याम अभिराम रंगभरे लटक लटक पग धरत अवनीपर | १॥।
कुच कुमकुम रंजित माला बनी सुरतनाथ श्रीश्याम रसिकवर॥।
पिया प्रेमकेअंक अलंकृत चित्रित चतुर शिरोमणि निजकर।॥। २ ॥
दंपति अति अनुराग मुदित कलगान करत मन हरत परस्पर ॥
हितहरिवंश प्रशंस परायन गावत अलि सुरदेत मधुरतर॥३॥ | Phool Mandali | NityaPad-255 | Lalit |
Sohat laal paradani jheeni taapar aeka adhik chhabi dekhiyat jalsut paant bunny cutty chheeni .. 1 .. | सोहत लाल परदनी झीनी तापर एक अधिक छबि देखियत जलसुत पांत बनी कटि छीनी ॥ १ ॥
उज्ज्वल पाग बनी सिर राजत अलकावली मधुप मधुपीनी।
चतुर्भुनदास लाल गिरिधर पिय चपल नैन चितवन बस कीनी॥२॥ | Ushnakaal - Pardanee | NityaPad-255 | Saarang |
Pahere laal evetparadani jheeni | | पहेरे लाल एवेतपरदनी झीनी |
मृगमद छाप कीनी केसरकी सीतल अरगज़ा भीनी॥।|१।।|
गोरोचनको तिलक बिराजत अतिसुगंध कपूर मिलानी।।
कमल लीये कर परमानंद शोभा निरख प्यारी रूप लुभानी॥२॥ | Ushnakaal - Pardanee | NityaPad-255 | Saarang |
Atee vichitra phoolanaki chaukhandi baith jahaan rasik giridhari ... | अति विचित्र फूलनकी चौखंडी बैठ जहां रसिक गिरिधारी ॥।
रायवेलि मालती माधवी चंपक बकुल गुलाब निवारी॥|१॥ जाई जुई केवरो
केतकी सौरभ सरस परम रुचिकारी ॥ पाटल जुई सेवती मल्ली बोरसरी
रचि रुचिर संवारी ॥२॥ नवरसरंग परस्पर उपजत बनी संग राधासुकुमारी |
चतुर्भुददास कुसुम शैयापर करत बिलास दोऊ पियप्यारी ॥३॥ | Phool Mandali | NityaPad-256 | Lalidya |
Phoolanaki mandali manohar baithe jahaan rasik piya pyaari. | फूलनकी मंडली मनोहर बैठे जहां रसिक पिय प्यारी।
शोभित सव्वे साज़ नानाविधि फूलनको भवन परम रुचिकार ी ॥ १॥| फूलनके
खंभ फूलनकी चोखंडी फूलनबनी सुदेश तिबारी॥ फूलनके झूमका झरोखा
फूलनके छाजे छबिभारी।।२॥ सघन फूल चहुंओर कंगूरा फूलन बंदन वार
संबारी॥ फूलनके कलशा अति शोभित फूलन रची विचित्र चित्रसारी॥।३॥
फूलनकी सेज गेंदुवा तकीया फूलनकी माला मनहारी | चतुर्भुजदास प्रफुल्लित
राधा संग फूले गोवर्धनधारी ॥४॥ | Phool Mandali | NityaPad-256 | Saarang |
Baithe laal phoolanke chobare.. | बैठे लाल फूलनके चोबारे॥
कुर्बक बकुल मालती चंपो केतकी नवल निवारे॥|१॥
जाई जुई केवरो कुंज रायवेलि म्हेकारे॥।
मंद समीर कीर पिक कूजत मधुप करत झंकारे ॥२॥
राधा रमण रंगभर क्रीडत नाचत मोर अखारे॥
कुंभनदास गिरिधरकी छबि पर कोटिक मन्मथवारे॥।३॥ | Phool Mandali | NityaPad-256 | Lalidya |
Phoolanaki mandali manohar baithe jahaan rasik 'piya pyaari . | फूलनकी मंडली मनोहर बैठे जहां रसिक 'पिय प्यारी ।
फूलनके बागे ओर भूषन फूलन के फूलनहीकी पाग संवारी ॥ १॥।
ढिंग फूली वृषभाननंदिनी सैसीये फूल रही उजियारी ॥
फूलनके झूमका झरोखा बहु फूलनकी रची अटारी॥२॥
फूलेसखा चकोर निहारत बीच चंद मिल किरण संवारी॥
चतुर्भुजदास मुदित सहचारी फूले लाल गोवर्धनधारी ॥। ३ ॥ | Phool Mandali | NityaPad-256 | Saarang |
Phoolanke mahel phoolanaki | फूलनके महेल फूलनकी
शब्या फूले कुंज बिहारी फूली श्रीराधाप्यारी॥
फूले दंपति आनंद मग्न फूले फूले गावत तानन न्यारी॥।१॥ फूल्नेफूले कमललिये कर फूले आनंद है
सुखकारी ।। हरिनारायण श्यामदासके प्रभु पिय तिनपर वारों फूल
चंपकवेलिनिवारी ॥ २॥ | Phool Mandali | NityaPad-256 | Saarang |
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