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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Baithelal phoolanaki tibari .. jaaee juee gulab diyein bich raiveli or
बैठेलाल फूलनकी तिबारी ॥ जाई जुई गुलाब दियें बिच रायवेली ओर निवारी ॥१॥| उठ बेठी जबही कहियो दूती चलिए राधा प्यारी ॥ जाय मिली ब्रजपतिसों तबही रंग बढयो अतिभारी ॥२॥
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Dekh sakhee phoolan ashtakhambha bethehen giridhar peeya pyaari ..
देख सखी फूलन अष्टखंभा बेठेहें गिरिधर पीय प्यारी ॥ सेवती सुबन जुथीका गूंथी मालती माधवी वेलीनिवारी ॥१॥ फूलन छाजे फूलनकी छत्री फूलनके कलसा झूमिकारी ॥ फूलनके गादी तकीया चौखंडी फूलन रची विचित्र पीछवारी ॥२॥ फूले सिंघासन फूले विहरत दंपति फूल सखी फूलवारी ॥ गूढ भाव अंतर आनंदनिधि फूलत कृष्णदास बलिहारी ॥३॥
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Bethe kusum mandir mein dou piya pyaari
बेठे कुसुम मंदिर में दोउ पिय प्यारी मनहरत परस्पर पोहोपमातन पहिरावत मिसकरि परत जाय पीय उपर ॥१॥ गावत विकट राग सारंग ले उपजत तान नीकी ता उपर ॥ रसिक प्रीतमकी बानिक निरखत वारत प्राण शोभा ऊपर ॥२॥
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Baithe laal
बैठे लाल फूलनकी पिछवारी ॥ सुंदरश्याम सुभगता सीमा कंठमाल मनहारी ॥१॥ मवलकिशोर रसिक नंदनंदन संग राधिका प्यारी ॥ रसिकराय प्रभु सब गुण पूरण सुखनिधि श्रीगिरिधारी ॥२।॥|
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Phoolan kii kunjan mein
फूलन की कुंजन में फूले फूले फिरत ॥ वीनत फूल लाल ललनामिल फूलन फेंटाभरत ।॥॥१॥ पियप्यारीकी बेनीबनावत फूलनके हार शुंगार करत ॥ गोविंदप्रभु पिय प्यारी परस्पर फूले फूले विहरत ॥२॥
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Saurabharati madhvi suhai .. phoolanke fonda rachi goonthe phoolanaki maalaa joo banaai ..1..
सौरभरति माधवी सुहाई ॥ फूलनके फोंदा रचि गूंथे फूलनकी माला जु बनाई ॥१॥ फूलन के कंकण बाजूबंद फूलन की चौकी ढरकाई ॥ फूल रहत सदा मंडल में फूली सखी राधा ढिंगआई ॥२॥ हसिहसि कहत लालगिरिधरसों फूलनकी मंडली बनाई ॥ चत्रभुज प्रभु गिरिधरन लालकी अंग अंग शोभा बरनी न जाई ॥३॥
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Phoolan key athkhambha raajat sanga vrishbhan dulari .. morchand
फूलन के अठखंभा राजत संग वृषभान दुलारी ॥ मोरचंद शिर मुकुट बिराजत पीतांबर छबि भारी ॥१॥ फूलन के हार सिंगार फूलनके संग सखी सुकुमारी ॥ परमानंददासको ठाकुर वब्रजजीवन मनुहारी ॥२॥।
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Phoolan key bangla baney
फूलन के बंगला बने अति छाजे बैठे लाल गोवर्धनधारी ॥ चंपक बकुल गुलाब निवारो लाल अनारसुधारी ॥१॥ पीत चंमेली चितकों चोरत रायबवेली महकारी ॥ परमानंददासको ठाकुर तन मन धन बलिहारी ॥२॥
Phool Mandali
NityaPad-261
Saarang
Kusum gulab mahel mein bethe srigiridhari syama pyaari ..
कुसुम गुलाब महेल में बेठे श्रीगिरिधारी स्यामा प्यारी ॥ जारी भांत विचित्रता छबि कुमक बनी निवारी ॥१॥ बोहोरंग कुसुम भूषण दंपति पहेरावत चहुंदिश ब्रजनारी ॥ वृन्दावन खग मृग अति सोहे ब्रजाधीश प्रभुकी बलिहारी ॥२॥
Phool Mandali
NityaPad-262
Saarang
Dekhori mohan piya thaade navanikunj key dwaar teseed sharad suhai raat ..
देखोरी मोहन पिय ठाडे नवनिकुंज के द्वार तेसीड शरद सुहाई रात ॥ फूलन को टिपारो फूलन के चोलना फूलन के हार अरू फूलन को उपेरना फूलन पंचरंग आन भांत ॥१॥ फूलनके कुंडल फूलनके बाजूबंध फूलन की कटि किंकिनी शोभा कही न जाति ॥ कृष्णदास प्रभु गोबवरधन फूले गोबरधनधारी लाल देखत यह छबि फूल रही उरलाय लई छाति ॥२॥
Phool Mandali
NityaPad-262
Kanharo
Nand nandan vrishabhaanu-nandini baithe phool-mandani raaje .
नंद नंदन वृषभानु-नंदिनी बैठे फूल-मंडनी राजे । फूलनि के खंभ फूलनि की तिवारी फूलनि के परदा अति छबि छाजें ॥ फूलनि के चौक, फूलनि की अटारी, फूलनि के बंगला सुख साजें । ता पर कलसा फूलनि के फूलनि के फोंदना विराजें ॥ फूल सिंगार प्यारी तन सोहत मदनगोपाल रीझिवे काजें । “छीत-स्वामी गिरिधर छबि निरखत, रमा-सहित, रतिपति जिय लाजें ॥
Phool Mandali
NityaPad-262
Saarang
Phoolmahel mein phoole douu neel kamal aru peet chameli ...
फूलमहेल में फूले दोऊ नील कमल अरु पीत चमेली ॥। स्यामाजु अति सुखद सरोवर तिन करि सींचत मन मधुकर रसनिपुण नवेली ॥१॥ फूली ललित लतनद्रग ललिता चंद्रभगा चंपो शीर मूली ॥ इन्दर्विंदु विपुल कलीसी भामावेली विलोक सहेली ॥२ ॥ यह सुख सखी कहत नही आवे ग्रीष्मक्रतु प्रीतम संग खेली ॥ एसेई फूल फूलो ब्रज निशदिन गोकुलनाथ करो नित केली ॥३॥
Phool Mandali
NityaPad-262
Saarang

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