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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Raniju apane sutahi jimawat | boojhat vaat kaho kaise khele
रानीजू अपने सुतहि जिमावत | बूझत वात कहो कैसे खेले बन बन मैया कहिकहि रुचिउपजावत ॥ १॥। करत वियार अपने अंचलसों पोंछत बदन मनमोद बढावत ॥ रसिकप्रीतमको लेले नंदरानीजू हँसहँस कंठ लगावत ॥२॥
Byaaru
NityaPad-299
Kanharo
Karat biyaru hansahans mohan .. chitbanmein
करत बियारू हँसहँस मोहन ।। चितबनमें चितचोरलेतहैं मा सुधभूली गोहन।॥।९॥ ओद्यो दूध कनक बेलाभरले ललिता आईजु अगोहन ॥ फूँकफूँक कर पीवत सांवरो अंचर देत यशोहन ॥। २। देखत बने कहत नहिं आवे उपमाको यह कोहन ॥ कृष्णदासप्रभु गिरिधरनागर चितचोरयो मूदु मुसकोहन ॥ ३॥
Byaaru
NityaPad-299
Kanharo
Balmohan douu karat biyaru yashumati nirakhjaay balhari ..
बलमोहन दोऊ करत बियारू यशुमति निरखजाय बलहारी ॥ प्रेमसहित दोऊ सुनत जिमावत रोहिणी और यशुमति महतारी ॥९॥ दोऊभैया संग मिल बैठे परोस धरीहे कंचन थारी | आलस करकर कोर उठावत नयनन नींद झमक रही भारी ॥ २॥ दोऊ जननी आलस मुख निरखत तनमनधन कीनो बलहारी ॥ वारंबार जुूंभात सूरप्रभु यह छबिको कवि सके विचारी ॥।३।॥।
Byaaru
NityaPad-299
Kanharo
Keeje laal yahibar biyaru .. taato
कीजे लाल यहिबार बियारू ॥ तातो दारभात घृत सान्‍यो खोबा बासोंधी रुचिकारी ॥१॥ मधुमेवा पकवान मिठाई परोस धरीहै कंचन थारी ॥ जेंबत स्थामराम रुचि उपजी छबिपर जगजीवन बलहारी ॥२॥
Byaaru
NityaPad-299
Kanharo
Byaru kartahain ghansyam ..
ब्यारू करतहैं घनस्याम ।। मधुमेवा पकवान मिठाई पिस्ता दाख बदाम ॥१॥ दूधभात खोबा बासोंधी लेआई ब्रजबाम ॥ आसकरणप्रभु मोहननागर अंगअंग अभिराम ॥२॥
Byaaru
NityaPad-299
Kanharo
Jasomati god baithaay shaeyamko core
जसोमति गोद बैठाय शएयामको कोर देत अपने कर मुखमें।। बींजन करत परोसत मेवा देत दोउन के भुजमें ॥ १॥॥ करत बियारू हँसत परस्पर निरखत नंद जात दिन सुखमें | कहि भगवान हित रामराय प्रभु यह सुख भयो कोनहिं जुगमें ॥२॥
Byaaru
NityaPad-300
Kanharo
Aajsavaareke bhukheho mohan khaabo mohi lago balaiya ..
आजसवारेके भूखेहो मोहन खाबो मोहि लगो बलैया ॥ मेरो कह्यो तूनहीं मानतहों अपने बलदाउकी मैया ॥।१॥ दोरके कंठ लाग्यो मन मोहन मेरीसों कहि मेरो कन्हैया परमानंद कहत नंदरानी अपने आंगन खेलो दोऊ भैया ॥ २॥
Byaaru
NityaPad-300
Kanharo
Hans hans byaru karat
हँस हँस ब्यारू करत गुपाल।॥ खटरस बिंजन करत रोहनी लाय धरत वब्रजबाल ॥। १॥ बीच धरी कंचन की थारी लाय परोस्यो भात ॥ प्रभु कल्यान बलराम श्याम को जिमावत जसोदामात ॥ २॥
Byaaru
NityaPad-300
Kanharo
Bhojan giridharlalko mainto yeh jaani .. darshan pyaari
भोजन गिरिधरलालको मैंतो यह जानी ॥ दरशन प्यारी रूपको पुतरिन रुचि मानी ॥ १॥ मृदु बोलन मीठी लगे भ्रोहन कटुकाई ॥ षघटरस वारों कोटिलों दृग चंचलताई ॥२॥| चाहा छिनछिन चौगुनो जेंबत रुचि ज्योंही ॥। जनभगवान युगल यश कहे तनमन त्योंहीं।। ३॥
Byaaru
NityaPad-300
Kanharo
Kamalanayan hari karat biyaru paros dharihai kanchan thaari ..
कमलनयन हरि करत बियारू परोस धरीहै कंचन थारी ॥ लुचई उपसी सद्य जलेबी सोई जेंबो जो लगे पियारी ॥१॥ मधुमेवा पकवान मिठाई सकल सोझ ले सरस संवारी ॥ अगणित शाक पाक रुचिकीने जेंबत रुचि बाढी अतिभारी ॥२॥ आछोदूध ओट्यो धोरीको लेआई यशुमति महतारी ॥ सूरस्थाम बलराम दोऊ मिल पीवत देख जननी बलहारी ॥।३॥
Byaaru
NityaPad-300
Kanharo
Mohanlal biyaru keeje .. vyanjan meethe khaate khaare ruchison
मोहनलाल बियारू कीजे ॥ व्यंजन मीठे खाटे खारे रुचिसों माँग जननीपै लीजे ॥१॥ खोबवा मिश्रित और बासोंधी ता ऊपर तातोपय पीजे ॥ सखन सहित मिल जेंवत रुचिसों झूंठन आसकरणकाूं दीजे ॥२।।
Byaaru
NityaPad-300
Kanharo
Radhamo hunn
राधामो हन करत बियारू।॥। एक करथार सवारें सुंदरि एक वेष एकरूप उज्यारी ॥। १॥॥ मधुमेवा पकवान मिठाई दंपति अतिरुचि कारी ॥ सूरदासको जूंठन दीनी अतिप्रसन्न ललितारी ॥२॥
Byaaru
NityaPad-300
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