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Kirtan Title | Kirtan | Category | Book-Page# | Raag |
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Merey ghar aavo nand nandan chandan curr raakhun atee sheetal | | मेरे घर आवो नंद नंदन चंदन कर राखूं अति शीतल |
अपने कर लगाऊं सब अंग झीनो बसन दीपत झांई कल ॥। १॥।
मेवा मिठाई बहो सामग्री कपूर सुवास मिश्री पना सुमल।
कर हो बयार पहोप बिंजना ले गरे पहिराऊं माल तुलसीदल ॥२॥
कमलदलन की सेज बिछाऊं बांह धरो श्री राधा की गल।
गिरिधरलाल लाडिली छबि देखत श्रीवललभ सिर पल ॥|३॥ | Useer Byaaru | NityaPad-302 | Kanharo |
Dekh ree sakhti useerke mahal mein karat bhojan sanga liye radha baal .. | देख री सख्ती उसीरके महल में करत भोजन संग लिये राधा बाल ॥
किये चंदन खोर कपूर बहुविध घोर ता पर लसी कंठ पोहोपन माल ॥ १॥
परस्पर देत मुख कोर दोऊ मधुरपतें भरे शीतल भोग भरि शीतल थार।
गई सुधबुध भूल निरख मुख युगलछबि कहो कहा बने देखे हि गिरिधरलाल ॥२॥ | Useer Byaaru | NityaPad-302 | Kanharo |
Useer mahal mein dampati raajat . | उसीर महल में दंपति राजत ।
भोजन करत प्रान प्यारी संग खटरस बींजन सकल रस साजत ।।१॥
दूध भात बासोंधी पूरी लुचई सुहारी भरके छाजत।
परमानंद प्रभु मनमथमोहन फूलनकें आभूषन अंग बिराजत॥। २॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Iman |
Bahut bair key bhookhe hoe laal jenvo kachhudak leho balaiya .. | बहुत बेर के भूखे हो लाल जेंवो कछुड़क लेहो बलैया ॥
जो तू कह्यो न माने हों अपने हलधर जू की मैया ।१॥
दोरी जाय कंठ लपटाने तू कह मैया मेरो कनैया ||
गोद बैठ हरि जेबन लागे परमानंददास बलि जैया ॥ २॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Kanharo |
Bhatu suna useer mahal mein aaj main dekhe vyaaru karat dou bhaiya ... | भटु सुन उसीर महल में आज मैं देखे व्यारु करत दोउ भैया ॥।
व्यंजन मथुरे खारे खाटे परोसत रोहिनी मैया ॥ १॥
कर मनुहार जिमावत सुत को परिपूरन भये प्रेम अधैया ॥
ऊपर पय पीबो हो वारी लाल नंददास प्रभु बीरी ले कनैया ॥२॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Kanharo |
Sakhiri jembat giridharlal .. | सखीरी जेंबत गिरिधरलाल ।।
कुंज महल में रची चित्रसारी फूल रहे पंकज विसाल ॥१॥
खटरस बिंजन विविध
भांत के रोहिनी भर ल््याई हे रसाल ॥
चतुर्भुज प्रभु गिरिधरनलाल पर तृन तोरत ब्रजबाल ॥२।। | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Kanharo |
Servous daaron vaari bhawan merey chala sukh deeje .. | सर्वस डारों वारि भवन मेरे चल सुख दीजे ।।
सीतल धाम छिरक राख्यो मन भावे सो कीजे ॥१॥
ब्यारुकों पकवान मिठाई और ओट्यो सीतल पय पीजे ॥
कुंभनदास प्रभु गोवर्द्धनधर कहो हमारो लीजे ॥ २॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Iman |
Aaj attari parr useer mahal rachidampati vyaaru karat... | आज अटारी पर उसीर महल रचिदंपति व्यारु करत।॥
खोबा मलाई और बासोंधी पय हँसि हँसि घूंट भरत | १॥।
चहूं ओर खसखाने छूटत फुहारे फुंही बींजना ब्यार सीयरी मनकों हरत ॥
नंददासप्रभु प्रिया प्रीतम परस्पर हँसि हँसि कोरलेत सहचरी कनक डबा बीरासों भरत ॥२॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Iman |
Byaru keeje mohanrai |. | ब्यारु कीजे मोहनराय |।
मधुमेवा पकवान मिठाई बिंजन सरस बनाय॥ १॥
दारभात ओर कढी बरीकी मिश्री पनो छनाय॥
परमानंददासको ठाकुर बलदाउ संग लाय ॥२॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Kanharo |
Mohanlal biyaru keeje .. | मोहनलाल बियारु कीजे ॥
पूरी दूध मलाई मिश्री पहेलो कौर प्यारीको दीजे ॥१॥
जेंबत लाल लाडली संग मिल ललितादिक निरख सुख लीजे ॥
गोविन्द प्रभु प्यारी कर बीरी पिकदानी सखीको दीजे ॥२॥। | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Kanharo |
Byaru karat bhaavate jiya key .. | ब्यारु करत भावते जिय के ॥
खटरस बिंजन मीठे मोहन अंचल बियार करत पिय के ॥ १॥
कबहुँक कौर देत श्रीमुख में ताप समावत अपने हिय के ।।
नन्द्दास प्रभु उसीर महल में प्राण प्यारी प्राण पिय के ।२॥ | Useer Byaaru | NityaPad-303 | Kanharo |
Abb doodh laaee hoe yashoda maiya keeje ladile paan .. | अब दूध लाई हो यशोदा मैया कीजे लाडिले पान ॥
कनक कटोरा भर पीजे सुख दीजे बश्रजराज कुंवरवर तेरी बेनी बढेगी मेरे भैया ॥॥१॥
आछो नीको अति ओट्यो और तामें मधुरमिठैया ।।
आसकरणप्रभु दूध पीजिये जननीकों सुख दीजिये प्रात उठत करों घैया ॥२॥॥।. | Dudh | NityaPad-304 | Kanharo |
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