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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Doodh piyo hoe kunwar kanhai .
दूध पियो हो कुँवर कन्हाई । ओट्यो अति ही स्वच्छ भरलाई तामें अधिक मिठाई ॥१॥ सुधर अरगजा अंग लेपन कियो लागत परमसुहाई । कृष्णदास भर लाई जमुनोदक अचवन कीजिये आई।॥।२॥
Useer Dudh
NityaPad-304
Iman
Hansahans doodh peevat naath ..
हँसहँस दूध पीवत नाथ ॥ मधुर कोमल बचन कहि कहि प्राण प्यारी साथ ॥| १॥॥ कनक कटोरा भरयो अमृत दियो ललिता हाथ ॥ लाडली अचवाय पहिले पाछें आप अघात ॥२॥ चिंतामणि चितबस्यो सजनी नाहिन और सुहात ॥ श्यामा श्याम की नवल छबि पर रसिक बल बल जात ॥ ३॥
Dudh
NityaPad-304
Bihaag
Keeje paan lalaho laaee doodh yashoda maiya..
कीजे पान लालाहो लाई दूध यशोदा मैया।। कनक कटोरा भर पीजे यह लीजे सुख दीजे जु कन्हैया । १॥ आछे मेवा ओद्यो सुठ नीको रुचिकर लेऊ नन्हैया ॥ बहुत यतन करके राख्यो व्रजराज लडेते तुमकारन बलभैया ॥२॥ फूँकफूँक जननी पय प्यावत सुख पावत आनंद उर न समैया | सूरदासप्रभु पष पीवत बलराम स्थाम जननी दोऊं लेत बलैया ॥३॥
Dudh
NityaPad-304
Bihaag
Doodh ghiyo munn mohan pyaare ..|
दूध घियो मन मोहन प्यारे ॥| बलबल जाऊं गहरु जिन कीजे कमलनयन नयनन केतारे।॥१॥| कनक कटोरा भर पीजे सुख दीजे संग लेहो बलभद्र भैयारे।। परमानंद मोहि गोधनकीसों उठत ही प्रात करुं घैयारे ॥ २।।
Dudh
NityaPad-304
Kanharo
Doodh piwawat jasoda maiya ..
दूध पिवावत जसोदा मैया ॥ धोरी धेनुको काढ अपने कर तामें मधुर मिलाय मिठईयां ॥१॥ तातो क्यो कटोरा सुंदर बहुतसुगंध मिलैया | ले कर प्यावत श्याम मधुर सुख जन गिरिधर' जननी बल जैया ॥ २॥
Useer Dudh
NityaPad-305
Kanharo
Giridhar peevat doodh shiraay.
गिरिधर पीवत दूध शिराय। बैठे अटा घटा देखन को छतना हाथ लगाए।॥ १॥ हरित भूमि प्रफुलित द्रमबेली रही तरुवर लपटाय | तापर धरी सदल रस मंजरी कृष्ण दास बल जाय ॥२॥
Useer Dudh
NityaPad-305
Malhaar
Aarogat nandlal sayaane ..
आरोगत नंदलाल सयाने ॥ बहुविध भोजन शाक मिठाई दूध दही पकवाने ॥१॥ अचवावत यशुमति मैया सीतल जल गोपाल अधाने ॥ श्रीवल्लभप्रभु हाथ ले बीरी स्थामदास भोजन बशगाने ॥२॥
Beeri
NityaPad-305
Kanharo
Doodh piyo merey shyam zu pyaare .
दूध पियो मेरे श्याम ज़ु प्यारे । ओट्यो सद्य बेला भर लाई कुंवर किशोर दृगनके तारे ॥ १॥ तामें मधुर सुगंध मिलाई सुन पीवत ब्रजराज ललारे॥ कुंभनदास' प्रभु गोवर्धनधर छबि पर तन मन धन सब वारे ॥ २॥
Useer Dudh
NityaPad-305
Kanharo
Achwat yugal kishore kishori . bhojan karchauki parr baithe
अचवत युगल किशोर किशोरी । भोजन करचौकी पर बैठे भलीबनी यह जोरी ॥। ९॥| एक सखी पाय पलोटत ठाडी एक सखी करत निहोरी ॥ कुंभ खीरको एकले आई एक बीरा भर झोरी ॥२॥ एक सखी लाई पियको बागो प्यारीजूकी सुरंग पटोरी | कए सखी दरपन ले ठाड़ी एक युगल चरणन रतिजोरी ॥३॥ निजमंदिर बैठे पियप्यारीकोऊ वारवार तृण तोरी ॥| सर्व सखत्री श्रीवल्लभ जूकी जूठन लेन कुं बहुत निहोरी ।।४॥
Beeri
NityaPad-305
Bihaag
Shobhit nasika giridhar gaj motee ..|
शोभित नासिका गिरिधर गज मोती ॥| खोलत बीरा खात हँसत डोलत अरुण अधरकी दीनी पोती ॥१॥ कुंडल लोल कपोल बिराजत जगमगात मुख मंजुल जोती ॥ गोविंद प्रभुकोजु श्रीमुख निरखत रसना कहबरनूं मतिबोती ॥२॥
Beeri
NityaPad-305
Kanharo
Otyo doodh siro curr rakhyo ..
ओट्यो दूध सीरो कर राख्यो ॥ तामें मधुर मलाई अधिक रुचि गिरिधरलाल स्वादसों चाख्यो ॥१॥ पूछत कहां ते लाई सांझ समे धोरी दुही राख्यो श्री बिद्डल गिरिधरनलाल' सो प्रेम प्रीतसों हँस हँस चाख्यो ॥२॥
Useer Dudh
NityaPad-305
Kanharo
Lalco beeri deit banaay ..
लालको बीरी देत बनाय ॥ अपुनेकर राधा मुगनेनिः अतआनंद मन मांय ॥१॥ निरखत बदन कमल प्रीतम को चितवबत मुरमुसक्याय ।। रसिक प्रीतम की बानक निरखत पुन पुन लेत बलाय ॥२॥
Beeri
NityaPad-306
Kanharo

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