top of page
Kirtan Title
Kirtan
Category
Book-Page#
Raag
Beeri deit banaay banaay ..
बीरी देत बनाय बनाय ॥ पीरे पीरे पान सोपारी लोंगन कील लगाय ॥१॥ लेत लाल कर जोर देत वे मुख मेलत मुसकाय ॥ दासन देत उगार गोविन्दप्रभु जन परमानंद बलबल जाय ॥२॥
Beeri
NityaPad-306
Kanharo
Pyaari tohi shyam bulabwe jhamak chala raadhe....
प्यारी तोही श्याम बुलाबवे झमक चल राधे।॥। तोविन मोहन पान न खातहें कोन मंत्र पठ साथे ।। १॥॥ निशवासर तेरो ध्यान धरतहें विरह अग्नितन दाझे॥ सूरदास प्रभु तेरो मण जोबत तो बिन मोहन आधे ॥। २॥।
Beeri
NityaPad-306
Kanharo
Mathura nagar kii dugger mein chalal‍you
मथुरा नगर की डगर में चलल्‍यो जात पायो है हरि हीरा॥ सुनरी भटू लटू भयो डोलत गोकुल गामको अहीरा ॥ १॥ बनतेजु आवत बेनु बजावत बंसीवट जमुना के तीरा ॥ परमानंददासको ठाकुर हँसदीनो मुख बीरा ॥२॥
Beeri
NityaPad-306
Kanharo
Aho hari bhaamate bhawati kachhu kii keaney ..
अहो हरि भामते भावती कछु की कीनी ॥ नई प्रीति की रीस सुनो क्‍यों न नातो तोसो गामतें ।|१॥ इन सकुचन पतियांहु न लिखत दुख पावें सुनत मेरे नामतें॥ धरमदास प्रभु तुमकुं दोष नहीं बीच पर्‌यो काहु वामते ॥२॥।
Shayan Darshan
NityaPad-306
Kalyan
Leey raadhe preetam dey pathai shree mukhaki
ले राधे प्रीतम दे पठई श्री मुखकी आधी बीरी ॥ वेगि बुलाई तू छैलछबीली नागर तजि तनमन भोरी ॥१॥ तव लगी निस गिरिधर नवरंगको जब लग नहीं प्रगट परपीरी ॥ क्ृष्णदास प्रभु स्यथाम सुभगके तू श्यामा नेनकी धीरी ॥२॥
Beeri
NityaPad-306
Kedaro
Leey raadhe giridhar dein pathai apane mukhaki sunder beeri .. sunoho
ले राधे गिरिधर दें पठई अपने मुखकी सुंदर बीरी ॥ सुनोहो संदेशो प्राणपियारेको कित सँकुचत आवो किननीरी ॥९॥ घूंघट खोल नयन भरदेखूं वहां चलो प्रीतमकी चेरी ॥ कुंभनदासप्रभु गोवर्धनधर मिल आंको छतिया कर सियरी ॥२॥
Beeri
NityaPad-306
Kanharo
Benny sunder shyam guhi ree ..
बेनी सुन्दर श्याम गुही री ॥ राजत रुचिर शीश श्यामा के चम्पक और जुही री ॥१॥ नख शिख कर सिंगार श्यामा को बीरी मुख में दई री ॥। श्रीविद्डल गिरिधरन लाल केरस की रास तुही री ॥ २॥
Beeri
NityaPad-306
Khamach
Amrit nichoth kiyo ekthor ...
अमृत निचोथ कियो एकठोर ॥। तुम्हारे वदनसुधा रसुधानिधि तबते बिधना रची न और ॥॥१॥ सुन राधे उपमा कहा दीजे स्यथाममनोहर भयेरी चकौर॥ सादर पान करत तोहि देखत तृषित कामवश नंदकिशोर ।। २॥ कौनकौन अंग करोरी निरूपण गुण और सील रूपकी रास ॥ परमानंद स्वामी मन वेध्यो लोचन बंधे प्रेमकी पास ॥।३॥
Shayan Darshan
NityaPad-307
Kalyan
Yeh kouu jaaneri vaaki chitbanmenke charitra murali maanjh
यह कोऊ जानेरी वाकी चितबनमेंके चरित्र मुरली मांझ ठगोरी॥ देखत सुनतही मोहे जात सुरनर मुनि और खगोरी ॥ १॥| हरत काम की कामताई कामिनी जो जहाँ ठाडी चल न सकत डंगोरी ॥ इन कुल कान करत तो लाज आवे जगन्नाथप्रभु यह अवलोक लगोतोल गोरी ॥२॥
Shayan Darshan
NityaPad-307
Kalyan
Abla tere bal haye naan aur...
अबला तेरे बल है न और।॥ बेधे मदनगोपाल महागज कुटिल कटाक्ष नयनकी कोर ॥ १॥॥ यमुनातीर तमाल लताबन फिरत निरंकुश नंदकिशोर || भ्रूह बिल्तास पास वशकीने मोहन अंग गहे तें जोर ॥२॥ ले राखे कुच बीच निरंतर शुंखल सुखद प्रेमकी डोर ।। यह उचित होय ब्रज सुंदर परमानंदप्रभु चपलचितचोर ॥३॥।
Shayan Darshan
NityaPad-307
Kalyan
Mohi kahaa varajataho kaanh que‍yon naan
मोहि कहा वरजतहो कान्ह क्‍यों न वरजोरी चितेवों छाँड़े ॥ नयन मोहनीरी मोहन कैसो जहांतहां बजाय रिझ्ञाय काढे ॥१॥ जहां जाय दृष्टि परेसो कैसें धीर धरे मातापिता पति लाजकी काने ॥ ब्रह्मदास प्रभु मन्‍्मथको मनमथ्यो कौन गने मन्मथराने ॥२॥
Shayan Darshan
NityaPad-307
Kalyan
Merein tou giridhar hii gungan ..
मेरें तो गिरिधर ही गुनगान ॥ यह मूरति खेलत नयननमें यही हृदयमें ध्यान ।। १॥॥ चरणरेणु चाहत मन मेरो यही दीजिये दान | कृष्णदासकी जीवन गिरिधर मंगलरूप निधान ॥।२॥।
Shayan Darshan
NityaPad-307
Kalyan

© 2026 All rights reserved. Vaishnav Samaj of RTP, DBA - Krishnadham-VYO 

bottom of page