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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Daley lalki vandas kahee napreho ..
डले लालकी वंदस कही नपरेहो ।। कुल्हे चंपक भरीहो अतिसुरंग और लटपटी पाग रही आधे सिरधस ।।१॥ वरुणी पीत हरे छूटी बंद अरग जामो जेसो स्थाम उरस ॥ गोविंदप्रभु सुरत शिथिल दंपति प्रेमणलित बैठी कुंजमहलतें निकस ।।२॥
Kulhe
NityaPad-060
Kalyan
Kanak kusum atishobhit shravanan .. ghoomat arun tarun
कनक कुसुम अतिशोभित श्रवणन ॥ घूमत अरुण तरुण मदमाते मुसकात आनअन ॥।१॥ गोल पाग पर कुल्हे सुरंग तामें अलक रेख बणी ॥ गोविंद प्रभु त्रैलोक विमोहत कौस्तुभमणी ॥।२॥
Kulhe
NityaPad-060
Kalyan
Aaj kii vaanik kahee naan jaay ..
आज की वानिक कही न जाय ।। रही धस पाग लाल आधेसिर कुल्हे चंपक तापर हीरा लटकाय ।। १।॥। वरुनी पीत पहरे छूटे बंद अरगजा मोजें तन बिंबित स्थाम झांई ।। दरशनीय वनमाल तिलक देखिये बिथके कोटि मदन और गोबिंद बलबल बलजाई ।। २॥
Kulhe
NityaPad-060
Kanharoo
Teree houn balibali jaauun giridharan chhabile | kulahi chhabili
तेरी हों बलिबलि जाऊं गिरिधरन छबीले | कुलहि छबीली अरु पाग छबीली अलक छबीली तिलक छबीलो माई री नैन छबीले प्यारी जू के रंग रंगीले ॥ १॥॥ अधर छबीले बसन छबीले बेन छबीले हो अति सरस सु ढीले। गोविंद प्रभु नखसिख अंग अंगन लालन अति ही रसीले ॥।२॥
Kulhe
NityaPad-060
Adano
Rakhiho alkan beach champakali gangani ..
राखीहो अलकन बीच चंपकली गनगनी ॥ जगमगात हीरा लाल कुल्हे पर पाग चोकरी अति बनी ।। १॥ सुभग नयन तरुण मदमाते मुसकाते आनअन ॥ गोविंदप्रभु ब्रजराजकुंवर धन्य धन्यहो धन्य धन्य ॥२॥
Kulhe
NityaPad-060
Nayikeeya
Bunny mohansir paag sankare pechan chokri .. kulhai surang
बनी मोहनसिर पाग सांकरे पेचन चोकरी ॥ कुल्है सुरंग कुसुम भरी और सेहरो चंपकभरी छबि लाग ॥१॥ सूथनलाल पीतवरुनी और अरगजा मोजें शोभित स्थाम सुभाग ॥ गोविंदप्रभुकों ब्रजवासिन प्रति छिन छिन नव अनुराग ॥।२॥।
Kulhe
NityaPad-060
Kalyan
Aaj atee shobhit nandkishore ...|
आज अति शोभित नंदकिशोर ॥।| सिरपर कुल्हे टिपारो सजत बनीहे चन्द्रिका मोर ॥१॥ मललकाछ कटि बांध प्रीतपट अंग अंग छब छारे ॥ सुंदर नेन बंकअवलोकन रसिक प्राण चित्तचोर ॥२॥
Kulhe tiparo
NityaPad-061
Todi
Podhe navalan laal girdhari ..
पोढे नव॒ल लाल गिरधारी ॥ रंग महेल में रति सुखशब्या संग शोभित बृखभान दुलारी ॥१॥| लाल झरी को वागो बन्यो अति लाल कुल्हे शोभित अति भारी ॥ सूथन चरन बनी अति गाढी झलमलात बीच झरतारी ॥। २॥। अतलरू को लहेंगा प्यारी कटि कंचुकी झुमक सारी ॥ मधुरे सुर गावत केदारो मीठीतान लेत सुखकारी ॥।३॥ परदा परे मनोहर द्वारे दिषक ज्योत सरस उजियारी | चत्रभुजदास निरख दंपत सुख तन मन धन कीनो बलिहारी ।४॥
Kulhe
NityaPad-061
Bihaag
Palchhin rajani ghatat ...
पलछिन रजनी घटत ॥। त्योत्यों प्यारी राधा जुके नवल लाल के तिलक भाल पर कुलही चरन लोटत ॥।१॥ हां हां करत भरत अंकवारी मुसक मुसक मन मान सटत ॥ धन धन भाग गो पीजन सूर सुख रहस्य बधाई बटत ॥।२॥
Kulhe
NityaPad-061
Bihaag
Cutty barni key latpataat peet putt ..
कटि बरनी के लटपटात पीत पट ॥ शीश टिपारो मोर चंदसो मिल धात प्रवाल विचित्र भेख नट ॥१॥ पचरंग छींट उदार ओढनी लटकत चलत तरनि तनया तट ॥। वृजभामनी के मोती हारसों उरझी रही कुंतल अलक लट॥२॥ ज्यों गजराज मत्त किरनी संग आलिंगत सुभग कनक घट।॥ कृष्णदास प्रभु गिरधर नागर विहरत वन विहार बंसीबट ॥। ३॥
Tiparo
NityaPad-061
Todi
Naachat govind sanga sakhaa mill aavat nandan anand heeye.
नाचत गोविंद संग सखा मिल आवत नंदन आनंद हीये। उड़पति निरख नयन छब लाज्यो पाय पयोध स्वरूप किये ॥१॥ कोउ मूर्दंग कोउ ताल कोउ जंत्र कोड रबाब मृदुल गान कीये। तीन ग्राम सुरभदे जनावत नंदकुमार कर वेनु लीये ॥ २। कमल बरन सिर बन्यो टिपारो काछनी पीत कटि बंदक सीये। मानीक दूती सभरन उपरेना कनक खचित मनि पदिक हीये ॥।३॥ उरवन मास मधुप झंकारत सुरन देत मधु स्वाद लीये । कृष्णास लीला लालगोवर्धनधारी वुजजन पीय रसीये ।॥४॥
Tiparo
NityaPad-061
Todi
Nirtat russ douu maaee rung...
निर्तत रस दोऊ माई रंग।॥ सुलप संच गतिभेद ग्रग्रतकिट धिकिट ध्रुमध्लुम धाजत मृदंग ॥१॥ कनक वरण टिपारो सिर कमल बरन काछनी कटि बनजुधात अति विचित्र स्थाम अंग॥ गोविंद प्रभु त्रैलोक विमोहित देखत ठगे से ठाडे मोहत कोटि अनंग ॥२॥
Tiparo
NityaPad-062
Todi

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