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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Arie yeye cone chhabilo yaake sheesh pagaa.
अरि ये कोन छबीलो याके शीश पगा। सांवरे बरन अंग अंग सुंदर धर्यो हे शीश पगा ॥॥१॥ कुटिल अलक बदन पर राजत कुंडल जटत नगा। मेरो मन अटक्यो यो वा मूरति बांध्यो प्रेम तगा ॥ २॥ श्याम समें गायनकी पाछे सखा मंडली संगा। कृष्णदास गिरिधर जुकी बानिक दिन दिन नव नव रंगा ॥ ३॥
Paag
NityaPad-064
Gori
Gopke bhekh gopal gaayan hetaa drigan sukh deit |
गोपके भेख गोपाल गायन हेटा दृगन सुख देत | शिर सुभग फेंटा सखि परच रहो भ्रों पर पेच पचभास ढर लागत सोहावनो। दाहेंनो ऐंठा सख्ि॥१॥ लेत आकसि चितवन चारू चलन गती गोपीजन मन बसन आनन अमेंठा सखी। धाय सन्मुख जाय दास परमानंद चाह क्षित करत यो करिये भेंटा सरिब्रि॥२॥
Phenta Shringar
NityaPad-064
Bilawal
Akhiyaan kahuki naan lago ..
अखियां काहूकी न लगो ॥ सांवरो सो ढोरा काहुको ता सिर ग्वाल पगो ॥ १॥ रूप रंग्यो मेरो मन वाके रोमरोम प्रति मेन जग्यो ॥ कुंभनदास लाल गिरधर विन को काहुंको न सगो ॥|२॥
Paag
NityaPad-064
Saarang
Sunder shyam chhabilon dhota daar gayo mope madan thagori.
सुन्दर श्याम छबिलों ढोटा डार गयो मोपे मदन ठगोरी। निर्तत गावत वेनु बजावत संग सखा हलधर की जोरी | कबहुंक गेंदन मार मचावत ग्वाल भजावत हें चहु ओरी ॥ चंचल बाजन चावत धावत कबहुंक आय होत इक ठोरी ॥ कुंदन लोल लोल लोचन छबि शीश पगा ओढे पीत पिछोरी ॥ सूरदास प्रभु मोहन नागर कहांरि करुं किनी जग जोरी ॥
Paag
NityaPad-064
bilawal
Aaj sakhee mohan atee baney ..
आज सखी मोहन अति बने ॥ सीसटिपारो फरहरात वरुहा चंदअलक वीच बीच चंपकली अति गने ॥१॥ लालकाछ करिक्षुद्रघंटिका पगनूपुर रुनझुनात गतिलेत ग्रग्नता तततत रंगसने ॥। गोविंदप्रभु रसभरे नृत्यकरत सकलकला गुणप्रवीन व्रजनूपतितन ॥। २॥।
Tiparo
NityaPad-064
Kalyan
Adhik rajani maani hoe nandlal.
अधिक रजनी मानी हो नंदलाल। दुलहनि संग बिराजत चित्रसारी सुंदर नेन विसाल ॥१॥ पीत दुमालो सुखद गुनमें दरसी सीमावारो करत अधरामृत रसपान रसाल। रंगमहल बैठे 'नंददास' प्रभु सीत बस होत मनहु अधिक गोपाल ॥ २॥
Dumala
NityaPad-065
Aasawari
Poot maherko khirak dohawat gaiya.
पूत महेरको खिरक दोहावत गैया। संध्या समें बांधे फेंटा गरे गुंजमाल पहेरे तनिया ठाडे हें अधपैया ॥|१॥ कोंधनि बनि हाथ हंसतातर रूप मोहनी मदन हरैया। रसिक प्रीतमकी बानिक निरखत लीजे रीझ बलैया ॥।२॥
Phenta Shringar
NityaPad-065
Hameer
Lalke fentaontha ametha banyo fabyo bhragutibhal parr naval
लालके फेंटाओंठा अमेठा बन्यो फब्यो भ्रगुटीभाल पर नवल नंदलाल के आबत बनते बने सांझ सुरभिन मांझ | अटक लटक नरहि डगन ब्रज बालक ॥|१॥ चलत गजगति चाल मन हरत तेहि काल बाहु अंसन धरें सखा प्रिय ग्वाल के । गोपीजन युध जुरे द्वार द्वार खडा निरख नंदलाल युवति जन जालके ॥२॥
Phenta Shringar
NityaPad-065
Gori
Fugyo fenta sakhi lalit laal key shish parr nirakhi chhabi
फूग्यो फेंटा सखि ललित लाल के शिश पर निरखी छबि माधुरी अखियां सिरातरी प्रेमकी बावरी हों सखी व्हे रही सुधबुध बिसर गई द्वार व्हे जावरी ॥ १॥ रूपके गर्व कछू आव आदर कियो बहोरो कृपालगे मुसकातरी। दास कुंभन नाथ गोवर्धनधर साथ गोपीजन रीझे मिलसांवरे गातरी ॥२॥
Phenta Shringar
NityaPad-065
Bilawal
Aaj pith nainbaan saja maaree |
आज पिथ नैनबान सज मारी | दृष्टि परी तबतें नंदनंदन सुरत सुध न रही हमारी । भूषन बिचित्र बन्ये सब अंग अंग लाल दुमालो सीस अतिभारी | कृष्णदास प्रभु पिय बहुनावक सकल त्रियन सुखकारी ॥२॥
Dumala
NityaPad-065
Malkos
Aeye douu aeka rung rung gahare rung majeeth | haun vaake munn way merey munn
ए दोऊ एक रंग रंग गहरे रंग मजीठ | हौं वाके मन वे मेरे मन बस रहे आली री कहां करेगो बसीठ ॥१॥ पीत दुघालो लाल सिर सोहे तासो मेरो मन मोह्यो अद्भुत छबि देखि सिला भई लीठ। ब्रजाधीश' प्रभु संग लाज गई मेरी मुसक ठगोरी लागी ताते बावरी डोले वे तो लंगर ढीठ ॥।२॥।
Dumala
NityaPad-065
Aasawari
Laalhin sundhan laalahi bago laalahi paag bunny atibhari ..
लालहीं सुंधन लालही बागो लालही पाग बनी अतिभारी ॥ लालही ठाडे आभूखन राजत लालही लाल बव्रखभान दुलारी ॥१॥ लालके चरण जेहर अति राजत हार हमेल सोहत गिरिधारी । दरपनले निरखो मनमोहन गोविंद बलबल हारी ॥ २।।
Ghata ( Shringaar)
NityaPad-066
Saarang

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