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Kirtan Title | Kirtan | Category | Book-Page# | Raag |
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Dekh sakhee nava chhel chhabilo chitey leo mero chita chor | देख सखी नव छेल छबीलो चिते लियो मेरो चित चोर
अरविलो आनत ऐंडानी ओर आकृति नेननकी कोर ।। १॥
शोभा अंग प्रति रूप माधुरी शीश दुमालो अति छबछोर।
कुंडल लोल कपोलन झांई अरुन उदेमानो किरन चहुं ओर॥२॥
कहत न बने देखही बन आवबे सदा बसो मन नंदकिशोर |
चत्रभुज प्रभु गिरिधरन लाल पर रीझ डारत त्रन तोर ॥३॥। | Dumala | NityaPad-066 | Bilawal |
Atee chhabi deit dumalo sees. | अति छबि देत दुमालो सीस।
मनमथ मान हरे हसि चितवत बने है गोकुलके ईस ॥१॥
ठाडे सिंघयोर अपने रंग संग सखा दस वीस |
“चत्रभुज' प्रभु गिरिधरन लाल लखिं जीयो कोटि वरीस ।।२॥ | Dumala | NityaPad-066 | Aasawari |
Laal lalke laal joo lochan laal hii key mukh laal joo beera. | लाल लालके लाल जु लोचन लाल ही के मुख लाल जु बीरा।
लाल बनी काछनी अति सुन्दर लालके सीस लाल ही चीरा ॥ १॥
लालही पाग सोहे अति सुन्दर लाल खडे जमुनाके तीरा ।
गोविन्द प्रभुकी लीला दरसत लालके कंठ विराजत हीरा ॥२॥॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-066 | Todi |
Bago laal suneri cheera .. | बागो लाल सुनेरी चीरा ॥
तापर मोर चंद्रिका धरके उर सोहत गिरिधरजुके हीरा ।॥१॥
सूंथन बनी अनार रंगकी हंसूली हिम ग्रथित मन धीरा ॥
गोविंद प्रभु सखा संग लीने बिहरतहें कालिंदी तीरा ॥२॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-066 | Saarang |
Aaj singar shyam sunder koo dekhehi bunn aave .. eyam paag | आज सिंगार श्याम सुंदर को देखेही बन आवे ॥ एयाम पाग
अरु श्वेत चोलना छूटेबंद सुहावे ॥१॥ मोतीन माल हार उर उपर कर मुरलीजु
बजावे ॥ नंददास प्रभुरसिक कुंवरको ले उछंग हुलरावे ॥ २॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-067 | Saarang |
Saaree hari chuniken pehere tunn choli harr sub sothe bharee haye pott hari | सारी हरि चुनिकें पेहेर े तन चोली हर सब सोथे भरी हे पोत हरी
मुख जोतिहरी नवजोवन जोरजराय जरी हे ॥ १॥ चुनरी हरी कर पोहो चिहरी हरि
हाथन मेंहदी गव्हेरी ॥ हे कुंज हरी ब्रज भोमिहरी हित गोपीनाथ सो प्रीति
जुरी हे ॥२॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-067 | Lalit |
Laalahi laal key laalahi lochan laalahi key mukh laalahi | लालही लाल के लालही लोचन लालही के मुख लालही
बीरा॥ लाल बनी कटि काछनी लाल की लाल के शीश मुकेसी चीरा ॥१॥
लालही बागो सोहत सुन्दर लाल खड़े यमुना तट तीरा॥ गोविन्द प्रभु की सोभा
निरखत लाल के कंठ विराजतहीरा ॥२॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-067 | Dhanshree |
Leele vrindaavan atee sunder ltili wellie param ruchikari | leele | लीले वृन्दावन अति सुन्दर ल्तीली वेली परम रुचिकारी | लीले
कीर बिरछ पर सोहत लीले कोकत भोर सुढारी ॥१॥ लीली भूमि बनी अति
कोमल लीली तुलसी माला धारी। लीली बनी ब्रजकी वनिता अरु लीली चुरी
करन में सारी ॥ २।। लीलो सिंगार किये तन सोभित करन फूल बेसर मुक््ता री ।
चरन-कमल पर नूपुर बिछुबा छबि पर कृष्णदास बलिहारी ॥।३।। | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-067 | Todi |
Hari koo shungar harr dekh key moe munn arr .. hardo bago | हरि को शुंगार हर देख के मो मन अर ।। हरद्ओो बागो
सिर टिपारों पाग कटि सुंथन विराजे है ॥१॥| ओढे हैं कबाय हरचो पटुका हरद्यो
है आली ॥ भूषण जड़ाय पहरे अति छबि छाजे है ॥।२॥ मरगजी कंठ दुलरी हरि
जे हरि विछीया अनुवर पगनुपूर विराजे है।। हरें वाजुबन्द चोकी मुद्रिका हरि है
आली यमुना के कूल शोभा अधिक विराजे है ॥३॥ हरि मुरली मनमोहन ले
अधर धरी सुनत ही ब्रज वधू छांड़े सब काजे है।। कहे भगवान हित रामराय प्रभु
प्यारो राधा गल बांहिदे निकुंज में विराजे है।।४॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-067 | Aasawari |
Shyam hii sunder syaam hii alaken sthaam bunny benny atee bhaari . | श्याम ही सुन्दर स्याम ही अलकें स्थाम बनी बेनी अति भारी ।
स्याम ही भ्रोह सोहनी बांकी स्थाम ही नेनन अंजन सारी ॥॥९॥। स्थाम कपोलन
स्याम डिठौना स्थाम ओढे कामरिया कारी। स्याम दुगन के स्याम हैं तारे स्थाम
सुन्दर गोविन्द गिरिधारी ॥२॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-067 | Todi |
Samri paag viraj rahee sir benny bunny maano nagin kaaree .. | सामरी पाग विराज रही सिर बेनी बनी मानो नागिन कारी ॥
स्थामही भुषण छबि लागत स्याम कंचुकी लागत भारी ॥ १॥ फोंदना मखतूल
को स्याम बन्यो छबि देखत ब्रषभान दुलारी॥ स्याम शृंगार की शोभा निरखत
अपनो जियवार नोछावर डारी ॥२॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-068 | Dhanshree |
Pirei kundal nupur peere piro pitambaro odhe thaado | pre paag | पीरेई कुंडल नूपुर पीरे पीरो पीतांबरो ओढे ठाडो | पीरीई पाग
लटक सिर सोहे पीरो छोर रह्यो कटि गाढो ॥ १॥। पीरी बनी कटि काछनी लालके
पीरो छोर रच्यो पटुकाको | गोविन्द प्रभुकी लीला दरसत पीरोई लकुट लिये
कर ठाडो ॥२॥ | Ghata ( Shringaar) | NityaPad-068 | Dhanshree |
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