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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Bankachitavan chitey rasikatan guptapreetiko bhed janaayo ..
बंकचितवन चिते रसिकतन गुप्तप्रीतिको भेद जनायो ।। मुखकी रुखाई मिटत नहीं कबहू हृदयको प्रेम कैसे जात दुरायो ॥१॥ सगमगी अलक बदनपर विथुरी यह बिधि लाल रहसि चित लायो॥ कृष्णदासप्रभु रसिकमुकुटमणि नवनिकुंज अपने कर पायो ॥॥२॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-070
Todi
Laheria saaj subhag atee sobhit tahaan raajat balkrishna bihaari.
लहेरिया साज सुभग अति सोभित तहाँ राजत बालकृष्ण बिहारी। लहेरिया पाग पिछोरा सुभग अति सुरंग लहेरिया कंचुकी सारी ॥१॥ सहज सिंगार किये अति सुन्दर सुगंध सहित मुख बीडी सुधारी । पोहोपमाल सिर कंठ बिराजत दरपन ले देखत पियप्यारी ॥२॥ घरघरतें आई ब्रजनारी जमुनाजल भर कंचनझारी। मात जसोदा करत आरती छबि पर कुंभनदास बलिहारी ॥।३॥
Ghata ( Shringaar)
NityaPad-070
Saarang
Jaamo banyo jartasko sunderlal bund aru jarad kinari |
जामो बन्यो जरतासको सुन्दरलाल बन्द अरु जरद किनारी | झालरदार बन्यो पटुका झटक्यो दिल ता बीच जात कहां री ॥ १॥| बांकी चाल करै जु निहाल करे गजराज हु मोज तिहारी। गोविन्द देखत नेन तकि रही झांक झरोखनम बांके बिहारी ॥२॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-070
Todi
Radhika syathamsundarakon pyaari . nakh sikh anga anoop birajit
राधिका स्यथामसुंदरकों प्यारी । नख सिख अंग अनूप बिराजित कोटि चंद-दुतिबारी ॥१॥ इक छिनु संग न छाँडत मोहन निरखि-निरखि बलिहारी । छीत-स्वामी' गिरिधर बस जाके सो वृषभानु-दुलारी ॥२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Ramkali
Bolat tohi vinodamurati nandkumar sughar natveshari .. tooati
बोलत तोहि विनोदमूरति नंदकुमार सुघर नटवेषरी ॥ तूअति सुघर कोकिला प्रवीन स्वर रतिरंग भूसेज सुदेशी ॥१॥ मिलतप्रवाह सुखवारनिधीमें कबहु नरहतदेश सुखलेशरी ।। कृष्णदास प्रभुगोबरधनधर विरहगयंद विदारण केशरी ॥२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Todi
Govardhangiripar thaade lasat.. chahundish dhenudharani dhawat taba navmurli mukhalsat... 1.. mormukut banmalmargaji kachhuk phoolsir khasat |.
गोवर्धनगिरिपर ठाडे लसत॥ चहूंदिश धेनुधरणी धावत तब नवमुरली मुखलसत॥। १॥ मोरमुकुट बनमालमरगजी कछुक फूलसिर खसत |। नवउपहार लिये वल्‍लभत्रिय निरख दृगंचल हसत ॥। २।। छीतस्वामी वशकियो चाहतहें संग सखागुण ग्रसत॥ झूठे मिष कर इतउत चाहत श्रीविट्ठल मन बसत ॥ ३॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Aasawari
Bahut prasann bhaye piyrapyari todirag venudhargayo ..
बहुत प्रसन्न भये पिय्रप्यारी टोडीराग वेणुधरगायो ।। सुरसंगीत बधानमधुरस्वर ऐसो अद्भुत भेद बनायो ॥१॥ बीन तरंग उपजत नानारंग प्रतिछिन ओरसो ओर मिलायो ॥ चतुर्भुजदासस्वामिनीगुणनिधि रसिकराय गिरिधरण रिझायो ॥२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Todi
Merrie akhiyanke bhushan giridhari .. balbalzaun chhabili
मेरी अखियनके भूषण गिरिधारी ॥ बलबलजाउं छबीली छबिपर अतिआनंद सुखकारी ॥१॥ परमउदार चतुरचिंतामणि दरसपरस दुखहारी।। अतुल प्रताप तनक तुलसीदल मानतसेवा भारी ॥श। छीतस्वामीगिरिधरन विशद्‌॒यश गावत गोकुलनारी ॥ कहावरनो गुणगाथ नाथके श्रीविद्दल हृदयविहारी ॥३॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Aasawari
Aadho mukhnilambarso dhampyovidhuri alke sohe ..
आधो मुखनीलाम्बरसो ढांप्योविधुरी अलके सोहे ॥ एक दिशामानों मकरचांदनी एकदिशा घनबिजरी कोंधत हसे हरें मनमोहे ॥ १॥। कबहूं करपल्‍लवसों निखारत ऊंचेले धरत जब निकसत पुर्णशशिजोहे ॥ सूरदासमदनमोहन कबके ठाढे निहारत त्रिभुवनमें उपमार्कूं कोहे ॥२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Todi
Naval nikunj mahalraspunjahi rasikaay todi swargaayo ..
नवल निकुंज महलरसपुंजही रसिकाय टोडी स्वरगायो ॥ मिटगयोभान नवलनागरिको अंगहि अंग अनंग जगायो ॥१॥ दोरी आय कंठलपटानी एही तानमेरे मनभायो ॥ चतुर्भुजप्रभु गिरिधरनागर नट यह बिधि गाढोमान मनायो ॥ २॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-071
Todi
Aaj baney mohan rung bheene. kesari paag sithil alkawali
आज बने मोहन रंग भीने। केसरी पाग सिथिल अलकावलि सीस चन्द्रिका दीने | ९॥ केसरी वागो अति ही राजे हरी इजार चरनन में दीने । हार हमेल दरपन ले निरखत रसिक प्रीतम जु चरनन दीने ।।२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-072
Aasawari
Tey joo alapi pyaari sunder todi. rijhyave rasik gopal vinodi
ते जु अलापी प्यारी सुन्दर टोडी। रिझ्ञवे रसिक गोपाल विनोदी बदन देखि उडपति नभ विथकित हर्षित मन गति भई निगोडी ॥१॥ दंपति सुघरराय चूडामणि केलिकला केतक रस कोडी । 'कृष्णदास' गिरिधरन बिलोकत लज्त मन्मथ लहो नवोड़ी ॥२॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-072
Todi

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