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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Merey mainani ihai baani purry | giridharlal-mukharvind-chhabi
मेरे मैननि इहै बानि परी | गिरिधरलाल-मुखारविंद-छबि छिनु-छिनु पीवत खरी॥। १॥ पाग सुदेस लाल अति सोहति मोतिनि की दुलरी। हरि-नख उरहिं विराजत मनि-गन-जटित कंठ कंठसिरी ॥२॥ छीत-स्वामी गोवर्धनधर पर वारों तन मन री ! विद्वलनाथ निरखि के फूलत, तन सुधि सब बिसरी ॥३॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-072
Aasawari
Poochhat janani kahaan tey aaye | aaj gayo shree bal‍labhake ghar
पूछत जननी कहां ते आये | आज गयो श्री बल्‍लभके घर बहोतक लाड लडाये ॥ १॥। विविध भांत पट भूषण ले ले सरस सिंगार बनाये। सीस पाग सिरपेच बांधे तहां मोर चन्द्रिका लाये ॥२॥ बहोत भांत पकवान मिठाई विंजन सरस बनाये । पायस आदि समर्पित मोहि मेरी लीला गाये ॥। ३॥। प्रेम सहित वल्‍लभ मुख निरखत और न कछु सुहाए। रसिक' प्रीतम कहत जननी सों आज अधिक सुख पाये ॥॥४॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-072
Todi
Aaj mohan chhabi adhik bunny jarkasi paag keshario
आज मोहन छबि अधिक बनी जरकसी पाग केशरियो बागो ओर राजत गिरधर के मनी | ९॥| सूथनलाल सुनहरी सोभित ओर सोधेसों भीजीतनी चत्रभुज गिरिधरनलाल छबि कापेजात गनी ॥२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
bilawal
Myrie laalan aae aaeri mayaa curr tunn munn dhana sub vaaron ..
माईरी लालन आए आएरी मया कर तन मन धन सब वारों ॥ व्हों बलिगई सखी आज की आवनी पर पलकन सो मगझारो ॥ १॥॥ अति सुकुमार कोमल पद कारन सखीरी कांकर गुन सबटारों ॥ नंददास प्रभु नंद नंदन सो एसी प्रीति नित धारों ॥२॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
Todi
Manharan chhel nandrayako chhabi sou nikasyo ayri moy
मनहरन छेल नंदरायको छबि सो निकस्यो आयरी मोय देखत ठाडो भयो तन चिते चिते मुसिकायरी ॥| १॥| चंपकली दल कुटिल अलक छबि भुजभरि एंडएडायरी सूधो कमल कमल दल लोचन पगिया के पेंच झुकायरी ॥२॥ छेल छबीलो सांभरो अंग प्रेम चुचायरी ॥३।।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
bilawal
Jeete sughar sakal tribhuvan key jabate raag bajaai todi ..
जीते सुघर सकल त्रिभुवन के जबते राग बजाई टोडी ॥ तो नत्तरंग को भेद पायो रसिक कुंमरसों खेलत होडी ॥१॥ रूप की रासि सुरत वरकीनें लोचन रसडारत दे डोरी ॥ कृष्णदास गिरिधर रसवस कीए मनमथ कोज धर्म द्वार छोडी | २॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
Todi
Manmohan pagiya aaj kii baandhi paag banaam ladile
मनमोहन पगिया आज की बांधी पाग बनाम लाडिले अति सुंदर बड साज की ॥ १॥ कहि न सकत शुंगार हार के ओर गुंजावन माल की ॥ चत्रभुज प्रभु गिरिधरन लाल छबि नीकी बनी नंदलाल की ॥२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
bilawal
Badan nihaarat haye nandrani koti kaam chhabi koti chhand chhavi
बदन निहारत हे नंदरानी कोटि काम छबि कोटि छंद छवि कोटिरविवारत जियजानी ॥१॥ सिदि विरंचि जाको पारन पावत सेस सहश्र गावत रस नारी ॥। गोद रिब्रलावत महेरि जसोदा परमानंद कीनो बलिहारी ।॥।२१।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
bilawal
Navrang lalanvihari mero kahey jaado mohi adhik suhaay.
नवरंग ललनविहारी मेरो कहे जाडो मोहि अधिक सुहाय। पहिरी कवाई ओडढि लई फरगुल तोहु सीत सतावत आय ॥|९॥ अचरज भये सुनि बल्‍लभनंदन कनक अंगीठी धरि मंगाय । पुनि जिय सोचि मंगाई उढाई भजि गई सीत हसे जदुराय ।२॥ ऐसे परमकृपाल दयानिधि विसरत नही सुधि करत सहाय । त्रिपुरारी गिरिधारीकी बातें कहा जाने कोउ देहु बताय ॥।३॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-073
Aasawari
Arrie een mohan kii balijaaun ..
अरी ईन मोहन की बलिजाऊं ॥ मेरे मन आनंद उठत हें फूली अंग न माऊं ॥ १॥| तन मन धन न्योंछावरि करि हो ईत के चरण गहराऊं ॥ दास गोपाल को यह वर दीजें व्रज॒ तजि अनतन जाऊं ।।२॥
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-074
Dhanshree
Soodhen naan boll kahaa itaraane ..
सूधें न बोल कहा ईतराने ॥ या ब्रज में कोन कोनते को वड़ो कहा रंग कहारांने ॥ १॥। कोन टेव दिन दिन प्रति प्रति की ताकत अंग बिरानें ॥ जेजे हाल की एकहि देहों आन स्वामी रहे छांने ॥२॥।
Sheetkaal ( Shringaar ke )
NityaPad-074
Todi
Nand bulaavatahen gopal ..
नंद बुलावतहें गोपाल ॥ चल सुत वेग बलैया लेहों चंचल मयनविशाल ॥१॥ परोस्यो थार धरेमगचितवत सुन घनश्याम तमाल ॥ भातसिरात तात अतिआतुर बेग चलो प्यारेलाल ॥२॥ होवारी नहेने पायनपर दोर दिखावों चाल ॥ छांडदेहो मोहन अटपटी बह गति मंद मराल ।।३॥ सोई राजा जो पहेलें पहोंचे सूर सुभवन उताल ॥ जो जेहिं बलभद्र अगाऊ तोहसहें संगके ग्वाल ॥४॥
Bhojan Bulayve ( Sheetkaal)
NityaPad-074
Dhanshree

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