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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Veeri naval gwalini laaee ..
वीरी नवल ग्वालिनी लाई ।। उज्वल पानसों लोंग सुपारी करप्रणाम ढिंग आई ॥१॥ चुनो खेरसार सुगंध मृगमद सुखद सनाई ।। श्रीविद्लगिरिधारी कृपानिधि हाथन लेहित सोज बनाई ।॥।२॥।
Beeri
NityaPad-088
Dhanshree
Jaako munn lagyo gopalsontahi aur kaise bhaveho ...
जाको मन लाग्यो गोपालसोंताहि और कैसे भावेहो ॥। लेकर मीन दूधमें राखोजलविन सचुनहीं पावेहो ॥१॥ ज्यों सूरारणघूम चलतहे पीर नकाहजनावे॥। ज्योंगूंगो गुरखायरहें तहेंसुखस्वाद नहि बतावे ॥ २॥। जैसेंसरिता मिली सींधुमेउलटपरवाहनआवे ॥ जैंसें सूर कमलमुख निरखत चितईतउतनडुलाबे ॥३॥
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-089
Ramkali
Nandlalason mero manmaanyon kahakarengo koyri ..
नंदलालसों मेरो मनमान्यों कहाकरेंगो कोयरी ।। होतोचरणकमललपटानी जोभावेसोहोयरी ॥|१॥ गृहपति मातपिता मोहि त्रासतहँसतबटाऊलोगरी ॥॥। अबतो जिय ऐसी बनिआई बिधनारच्योहै-संयोगरी ॥२॥ जो मेरेबहलोक जायगोऔर परलोकनशायरी ॥ नंदनंदनको तोऊनछाडू मिलूंगीनिशानबजायरी ॥३॥ यह तनधर बहुरद्योनहींपढ़ये वबलल्‍लभवेषमुराररी ॥ पर॑मानंदस्वामी केऊपरसर्वस्व डारों वाररी ॥॥४॥।
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-089
Ramkali
Meromai harinagarason neh..
मेरोमाई हरिनागरसों नेह॥ जबते दृष्टरिपरेमनमोहन तबते विसरयोगेह ॥ १॥| कोऊ निंदो कोऊ बंदो मो घनगयोसंदेह ।। सरितासिंधुमिली परमानंद भयो एकरसतेह ॥। २।
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-089
Ramkali
Jey hilgan kathin haye yamanaki .. jaake liyein sunon merisjani
जे हिलगन कठिन हे यामनकी ॥ जाके लियें सुनों मेरीसजनी लाजगईसबतनकी ॥|१॥ लोकहसो परलोकहिजाओ ओर देओ कुलगारी ॥ सोक्योरहे ताहि विनदेखें जोजाकोहितकारी ॥२॥ रसुलब्धनिमिषनहीं छांडत ज्यों आधीनमृगगानें । कुमनदासस्नेहमरमकी श्रीगोवर्द्धनधर जानें ॥। ३॥।
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-089
Ramkali
Meromai nayanan ney badhyo | kamal nayan ghansyam chhabilo
मेरोमाई नयनन ने बढ्यो | कमल नयन घनस्याम छबीलो चितमें रहतचढ्यो ॥।९॥ को जाने कहो धों कहा कीनो मोहन मंत्र पढच ॥ यह बंसी गोपालहि दई विधिजु बनाय गढ़यो।॥|२॥ मन गज परयो रूप सरिता में नाहिन परत कढ़द्यो॥ विद्यादास सकलब्रज बाज्यो प्रेम निसान मढ्यो ॥३॥
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-089
Ramkali
Nandasadangurujanaki bheertaamen mohanavadan
नंदसदनगुरुजनकी भीरतामें मोहनवदन नीकेदेखननपाऊं।। विन-देखें जिय अकुलायजाय दुःखपाययद्यपि बडरेछिनछिन उठधाऊ ॥१॥ ले चलरी सखीमोहियमुनाके तीरजहांहोय बलबीर देखदूग सिराऊं॥ नंददासप्यासेकों पानीपिवायलेजिवायलेजीयकी जानतहो तोसों कहांलो जनाऊं ॥। २।।
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-089
Ramkali
Baat hilagaki kaason kahiye sunariskhri vyavastha
बात हिलगकी कासों कहिये सुनरीसख्री व्यवस्था यातनकीसमझसमझमन चुप कररहिये ॥१॥ मरमीविना मरमको जानें यहउपहासजान जगसहिये।। चतुर्भुज प्रभुगिरिधएनमिलेंजबतबही सबसुख पैये ॥ २॥॥
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-090
Bilawal
Lagan manlagiholagi .. kahaakarenge logmero
लगन मनलागीहोलागी ॥ कहाकरेंगे लोगमेरो होंप्रीतमरसपागी ।।९॥ कछूनसुहायजायन कहूंमन ऐसीवनि आईअनमांगी ॥ अबधरीयत चितआसपासरहिये रसीकप्रीतमबडभागी ।।२॥
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-090
Bilawal
Chitwataapahi bhaee chitero |
चितवतआपही भई चितेरो | मंदिरलखतछाँड हरिअकबकदेखनकोंमुखतेरो ॥ १॥ मानोठगीपरीजोएकटक इतउत करतफेरो ।। ओर न कछुसुनतसमझत कोऊश्रवणनिकट व्हेटेरों ॥२॥ चतुर्भुजप्रभुमन-मृगकोपकरदो कठिनकामकोघेरो ॥ गोवरधनथधरस्थामसिंधुमें. परप्राणकोबेरो ॥। ३॥।
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-090
Dhanshree
Nayana maaee nahin karat kahyo .. kahaa karoon kese nahin chhoote
नयना माई नाहिन करत कह्यो ॥ कहा करूं केसे नहिं छूटे जो हठ हरख गह्यों ॥१॥ आबत हुतीसहज मग अपने चपलन उलट चह्नो॥ निगम स्वरूप धाय खनअपने लोभित चाहि लह्ो ॥ २॥ जोब्नत लियो प्रथमही निरखत अंतहूसो निवह्ो ॥ विद्यापति श्रीगोपाल सदा इन अखियन लागरह्यो ॥। ३॥
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-090
Ramkali
Sakhirihon jeevataharimukhaheren ..
सखीरीहों जीवतहरिमुखहेरें ॥ कोऊमेरोसग्योनहोंकाहूकीकहत-सबनसोटेरें. ॥१॥ जोईयह हठसोईभलेंकरहोकहा भयोकरहेतेरें ॥ परमानंद हिलगकी बातेनिवरत नाहि निवेरें॥२॥
Hilag ( Sheet Kaal Rajbhog Darshant Mein)
NityaPad-090
Bilawal

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