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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Rangmahalmein rangilo laal baithe rung bharey. huss gir jaat preetamki
रंगमहलमें रंगीलो लाल बैठे रंग भरे। हस गिर जात प्रीतमकी अंक मध्य बलहासरसमत परस्पर मन हरे ॥९॥ कुच अंतर गाढे आलिंगन देत ललन प्रिय भुजबश्परे ॥ गोविंदप्रभु प्यारी संग गाबत तान बितानतरे ॥२॥।
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-111
Kanharo
Nayan chhabile tarun madmaate .. chanchal chapal bhukuti chhabi
नयन छबीले तरुण मदमाते ॥ चंचल चपल भूकुटी छबि उपजत आनआन मुसकाते ॥१॥ भक्‍त कृपारस सदाई प्रफुल्लित मानहु कमलदल राते ॥ गोविंदप्रभुको श्रीमुख निखरत पानकरत न अघाते ॥२॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-112
Kanharo
Sir soney key sootan sohat pagpenchan oopar nug lagey .. ratnare
सिर सोने के सूतन सोहत पागपेंचन ऊपर नग लगे ॥ रतनारे भारे ढरारे नयनन देखत मूर्छित मेंनजगे ॥९॥ मुखकी मंजुलताई बरनी नजाई चंचलता देखि दूर भगे ॥ नंददास प्रभु नंदरानी छबी निरखत वार पीवतपानी जिन काहुकी दृष्टि लगे ॥२॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-112
Kanharo
Sunder sub angang rupras raaee .. grathit kusum alkawali
सुंदर सब अंगअंग रूपरास राई ॥ ग्रथित कुसुम अलकावली धुनत मधुप अवतंसन लटकत सिर लालपाग शोभा कछु कही नजाई ॥। १॥ सुभग कसुंभी वरुनी बिथुरत पीतबंद विविध मोजे प्रतिबिंबित स्थाम सुभग झाई ॥ मोविंदबल वानिकपर त्रिभुवन मन मोह्यो कोटि कामवारोरी चरण जुन्हाई ॥ २॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-112
Kanharo
Aavat maaee radhika pyaari yuvati youth mein bunny .. nicus
आवत माई राधिका प्यारी युवती यूथ में बनी ॥ निकस सकल श्वजराज भवनतें सिंघद्वार ठाढे ललन कुंवर श्रीगिरिवरधारी ॥ १॥ निरख बदन भ्रोंह मोरी तोरतृण ओर चाल चितवन ओर तिहिछिनु अंचल संभारत घुंघटकी ओठटब्है लीयोहें लाल मनुहारी । गोविंदप्रभु दंपतिरस मूरति दृष्टिसो भरत अंकवारी ॥२॥।
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-112
Kanharo
Aaj maaee vaneri laalan govardhandhar .... rattan jatit chhaaje parr
आज माई वनेरी लालन गोवरधनधर ॥॥ रतन जटित छाजे पर बैठे बुंदारण्य पुरंदर ॥१॥ ग्रथित कुसुम अलकाबलि अतिछबि ध्वनित मधुप अबतंसन पर ॥ लटकलटक जात श्रीदामा अंकमध्य हस मिलवत करसो कर ॥२॥ मणिकौस्तुभ हृदयपदक विराजत कंठबनी गजमोतिनकी लर॥। गोविंदप्रभुजो सकल ब्रजमोह्यो अंग अंग ललन सुंदरवन ॥। ३।।
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-112
Kanharo
Nayanbhenvas rahiri laalken nagari menk naan nisrat .. tere tanaki
नयनभेंवस रहीरी लालकें नागरि मेंक न निसरत ॥ तेरे तनकी नवरंग बानिक रसिक कुंवरके चिततें न विसरत ॥१॥ तेरो मन अरु गिरिधर प्रियको बहु विधान एको करि मिसरत ॥ कृष्णदास गिरिधर रसिकवर सुबशकरणकों सीखीहें कसरत ।। ३॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-112
Kedar
Teree shrohki marorantein lalitbribhangibhaye anjanade chitayo
तेरी श्रोहकी मरोरनतें ललितब्रिभंगीभये अंजनदे चितयो भयेजू स्यामवाम |) तेरी मुसकान देख दामिनीसी कोंधजात दीनव्हे याचत प्यारी लेत राथे आधोनाम ॥।१॥। ज्यों ज्यों नचायो चाहो तैसेहरि नाचत बल अबतो मयाकीजे चलिये निर्कुजधाम ॥ नंददासप्रभु बोलोतो बुलायलाऊ उनकोतो कलपवीतें तेरीघरीयाम ॥।२॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-113
Adano
Chibuk koop madhya piya manpartho adharsudharas aas || kutil
चिबुक कूप मध्य पिय मनपरथो अधरसुधारस आस || कुटिल अलक लटकत ऊपर काढनकों कंडक डार्‌यो बांधप्रेमके पास ।॥१९॥ चंचल लोचन ऊपर ठाढ़ेहें अेचनको मानो मधुरहास ॥ नंददासप्रभु प्यारी छबि देखें बढीहें अधिक पियास ॥ २॥॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-113
Kedar
Naan jaano kinn kaana bhareri sakhee preetam anat dhareri .. rasake
नां जानो किन कान भरेरी सखी प्रीतम अनत ढरेरी ॥ रसके समय कहें जोमोसो तेहूं बोल विसरेरी ॥९॥॥ केसें कर सचुपावें प्राण ए विरही अनल जरेरी ॥ रसिक प्रीतम अबमिलवों केसें ओरनके पालेजु परेंरी ॥ २।।
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-113
Kedar
Jarr jaori laaj merein aisee cone kaaj aavein kamalanayan neeke
जर जाओरी लाज मेरें ऐसी कोन काज आवें कमलनयन नीके देखन न दीनें। वनतें आवत मारग में भेटभई सकुच रही इन लोगनके लीनें ॥ १॥ कोटि यतन कर रहीरी निहारवेकू अंचराकी ओट देदे कोटि श्रमकीने | नंददासप्रभु प्यारी तादिनतें मेरे नयना उनहींके अंगसंग रंगरस भीनें ॥ २।।
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-113
Adano
Piya tohi nayananaheemen raakhun.. teree aeka romki chhabipar jagat
पिय तोहि नयननहीमें राखूं।। तेरी एक रोमकी छबीपर जगत वार सबनाखूं ॥|१॥ भेटों सकल अंग सांबलकूं अधरसुधारस चाखूं ॥ रसिक प्रीतम संगम की बातें काहुसो नहि भाखूं ॥।२॥
Shayan Darshan Sheetkal
NityaPad-113
Adano

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