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Kirtan Title
Kirtan
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Raag
Deyashumati nenk apnirai yohipar‌you haye binamthankiye daee ..
देयशुमति नेंक अपनीरई योहीपर्‌यो है बिनामथनकीये दई ॥ अपनी हौदूँढआई उठ अंधियारेमाँझपाई न भवनमें कहांधोंगई ॥॥१॥ याहीते आतुरधाई जियनकछुसुहाईलोनी लालचमोहिटचपटीभई॥।। दिनाचार करूंकाज बढो नंदजूकेंराज जोलोहमारे आबेगई॥।२॥ चतुर्भुजप्रभु रानीमेरी अतिचोंपजानी होय प्रसन्नमनआनदई ।। भोर भये देहूँ आसीस बारजिनखसोसीस तेरेगिरिधारीकी बलबलगई ॥।३॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-178
Bhairav
Aachhevnarajke kharikarwane vadadevagar ....
आछेव्नरजके खरिकरवाने वडडेवगर ॥॥ नवतरुणी नवतरलितमंडित अगणितसुरभी हूंकडगर ॥१॥ जहांतहांदधिमथन घमरके प्रमुदित माखनचोर लंगर।। मागधसूतवदतबंदीजन लज्जितसुरपुर नगरीनगर ॥ २॥। दिनमंगल दिनवंदन माला भवन सुवासित धूप अगर ॥ कौनगिनें हरिदासगहवरगुण मसिसागर अरुअवनीकगर ॥।३॥
Dadhi Manthan
NityaPad-178
Aasawari
Banate baney maaee giridhar aavat ..|
बनते बने माई गिरिधर आवत ॥| सीसदुमालो अति छबिपाबत मनमथ कोटि लजावत ॥१॥ गायनके पाछे चले आवत भ्रोहन भैद जनावत नंददास प्रभु करख लियो चित ग्रह अंगना न सुहाबत ।२॥।
Shringaar - Dumala
NityaPad-178
Gori
Laal key kesar bhor suhai ..
लाल के केसर भोर सुहाई ॥ शीश बन्यो है पीत दुमालो छबि निरख सुख पाई ।॥।१॥ धोती उपरना पीतरंग के उर मुक्तामणि माल ॥ कर में मुरली मुखसो बजावत इकटक रही ब्रजबाल ।।२॥ या विधि सब सिंगार किये अति पूरी मन की आस ॥ शिव ब्रह्मादिक ध्यान न आवत गावत विष्णुदास ॥। ३॥
Shringaar - Dumala
NityaPad-178
Saarang
Aajbhorhi radhikayashumati grihaai .. maharikahmohans
आजभोरही राधिकायशुमति गृहआई ॥ महरिकह्मोहँस दक्षिमथो-वृषभानदुहाई ॥१॥ सुनआयुस ठाडीभई करनेतिसुहाई ॥ रीतेमांट विलोवही चितजहांकन्हाई ॥२॥ उनकीगतिहों कहा कहों जिनदृष्टिचुराई ॥ वछरानोबेवृषभसो गैयाविसराई ॥३॥ देखदुहुंनकी यह दशा यशुमतिमुसकाई सूरदास दंपतिकथा मोपेंबरणि न जाई ॥४॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-179
Bilawal
Nenkarhomaankhandeuntumko thadimathatjanani dadhiaturloni
नेंकरहोमांखनदेऊंतुमको ठाडीमथतजननी दधिआतुरलोनी नंदसुबनकों ॥१॥ मैबलजाऊं स्थामघनसुंदर भूखलगी तुम्हें भारी ॥। बातकहूंकी बूझतस्यामहि फेरकहत महतारी ॥ २॥ कहतबात हरिकछूनसमझत झूँठेईभरत हुंकारी ॥ सूरदासप्रभुकेगुण तुरतहिविसरिंगई नंदनारी ॥। ३॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-179
Bilawal
Baat naheen sutlayaliyo ..| tabaloddhimathjanani yashodamakhankar harihathdiyo ..1..
बात नहीं सुतलायलियो ॥| तबलोदधिमथजननी यशोदामाखनकर हरिहाथदियो ॥१॥ लैलैअधरपरसकर जेंवतदेखत फूल्योमातहियो ॥ आपुहिखात प्रसंसत आपुषि मांखनरोटी बहुतप्रियो ॥॥२॥ जोप्रभुशिवसनकादिक दुर्लभसुतहित वशभयेनंदत्रियो | यहसुखनिरखत सूरप्रभुको धन्य धन्य पलसुफलजियो ॥। ३॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-179
Bilawal
Nandgam nikolagatari.. praatsamaidhimathat gwalini sunat pradhur dhwani gaazatari .. 1..
नंदगाम नीकोलागतरी॥ प्रातसमैदधिमथत ग्वालिनी सुनत प्रधुर ध्वनि गाज़तरी ॥ १॥ धन्ययेगोपी धन्ययेग्वाल जिनकेमोहन उरलाग तरी ॥। हलधरसंगग्वालसबराजत गिरिधरलेलेदधि भागतरी ॥२॥ जहांवसत सुरदेवभमहामुनि एकोपलनहीं त्यागतरी ॥ नंददासकों यह कृपाफल गिरिधर देखे मनजागतरी ॥। ३॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-179
Bilawal
Pratasamendadhimathayashoda pramudit kamalanayan gunagaavat ...
प्रातसमेंदधिमथतयशोदा प्रमुदित कमलनयन गुणगावत ॥। अतिहीमधुरगति कंठसुघर अतिनंद सुबनचित हितहिबढाबत ॥१॥ नीलवसनतन सलिलसजल मनदामिनिबीच भुजदंडचलावत ॥ चंद्रवदनलटलटकछबीली' मानों अमृतरस राहुचुरावत ॥२॥ गोरसमथत नादएकउपजत किंकिणीध्वनिसुन श्रवणरमावत ॥। सूरस्याम अचरागहिठाडे कामकसोटीकस दिखराबत ॥३॥
Dadhi Manthan
NityaPad-179
Bilawal
Yavilovne oopar varorimai kotinaanch ..
याविलोवने ऊपर वारोरीमाई कोटिनाँच ॥ छबिसोंडूलत कटिपरवेनी दधिकी घुमड और क्वणितवलयक्षुद्रघंटिका ध्वनिसुन नूपरकरतसांच ॥१॥ गौराकृति अतिशोभित मानोंश्रमकणवदनतामें कनकलागी आंच ॥ धोधीकेप्रभु रसवशकरलीनें येहीगतिभेदनपावे यानेतीकी खेंचखांच ॥॥२॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-180
Bilawal
Mathatadhimathaneetekaren ..
मथतदधिमथनीटेकअरें ॥ आरकरोजिन स्थाममनोहर वासुकी शंभुडरे ॥१॥ मंदरडरत सिंधुतनकांप्यो अबबलकहाकरें।। तीनलोकदेख विस्मयभयो फिरजिनमथनकरें ॥ २।। सुरअरुअसु रदेख पुनकांपत प्रभुमरयादटरें॥ सूरदासप्रभुमुग्थ यशोदा ह॒वैमुखबिंदुगरें ॥३॥।
Dadhi Manthan
NityaPad-180
Bilawal
Dadhimathatgwalagarbiliri .. runakjhunak katikinkini baajat baah jhoolaavatadhiliri ..|1..
दधिमथतग्वालगरबीलीरी ॥ रुनकझुनक कटिकिंकिणी बाजत बाह झूलावतढीलीरी ॥|१॥ कमलनयन दधिमांखनमांगत नाहिनदेतहठीलीरी ॥ भरीगुमान विलोवत ठाड़ी अपनेरंगरंगीलीरी ॥२॥ हँस दीनों नंदलाललाडिलो मीठीसीबात कहीलीरी ।। सूरदास मनहरनमनोहर सर्वस्वदियो है छबीलीरी ॥३॥|
Dadhi Manthan
NityaPad-180
Bilawal

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