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Kirtan Title | Kirtan | Category | Book-Page# | Raag |
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Yashumatiddhimandhankarat baithivaddham ajirathaadheharihansatanenhi | यशुमतिदधिमंधनकरत बैठीवडधाम अजिरठाढेहरिहँसत नेन्ही
देतियानछबिछाजें ॥ चितवतचित रह्योलुभाय शोभाकछुकहीनजाय
मुनिनकेमनहरनको मोहनीदलसाजें ॥९॥ यशुमतिकहेंनाचो लाल देहोंगी
नवनीतलोंदा चलत नृपुररुनझुनांत किंकिणी कलबाजें ॥ गावतगुण सूरदास
सुखछायो भूअकाश नांचत त्रिलोकीनाथ माखनकेकाजें ॥। २।। | Dadhi Manthan | NityaPad-180 | Bilawal |
Nandjukebare kaanh chhandadembhathaniyan .... barambarkahe | नंदजूकेबारे कान्ह छांडदेमभथनियां ॥॥ बारंबारकहे
मातयशोमति नंदरनियां ॥१॥ नेंकरहो माखनदेहों मेरेप्राणधनियां | आरजिनकरो
बल गईहौरहोछनियां । २। सहस्नआनन गुणगणत उतनवखनियां ॥ सूरस्याममोहे
सुरदेखत भूलीगोपधनियां ॥। ३॥। | Dadhi Manthan | NityaPad-180 | Bilawal |
Praatasmein uthiyashomati dadhimanthankinon .. premsahit navnitale | प्रातसमें उठियशोमति दधिमंथनकीनों ॥ प्रेमसहित नवनीतले
सुत के मुखदीनों ॥ १॥ ओटेद्धघैयाकियो हरिरुचिसोलीनों॥ मधुमेवापकवानले
हरिआगेकीनों ॥२॥ यह विधिनित्यक्रीडाकरें जननी सुख पावे ॥ गोविंद प्रभु
आनंदसों आँगनमेंधावे ॥। ३।। | Dadhi Manthan | NityaPad-181 | Bilawal |
Govind dadhi navilovandeho ..| | गोविंद दधि नविलोवनदेहो ॥|
बारबारपायपरतजू लालकलेऊलेहो ॥१॥
कंकणचीरहारमणिगण बदत घोखमृदुबानी ॥ बांधकटिपरक्षुद्रघंटिका मुदितनंदजूकीरानी ॥२॥
ऐएकत्रहोयदेवदैत्य सबकोमंदमंद चालजानी || देखतदेव लक्ष्मीकंपी जबगहीगोपालमथानी ।। ३॥
कृष्ण चंदव्रज़राज रमापति भूतलभार उतारो ॥ परमानंददासको जीवन ब्रज वशजगत उधारो ॥॥४॥।। | Dadhi Manthan | NityaPad-181 | Bilawal |
Dekhorimai kesihagwalin ultiraimathaniyan vilobe | | देखोरीमाई केसीहैग्वालिन उलटीरईमथनियां विलोबे |
बिननेती करचंचल पुनपुननवनीते टकटोवे ॥ १॥। निरखस्वरूप चोंट चितलाग्यो
एकटक गिरिधरमुखजोबे | कुंभनदासचितेरही अकबकआऔरें भाजनधोवे ॥ २॥।
| Dadhi Manthan | NityaPad-181 | Bilawal |
Bhuliriddhimanthan karvo .| dekhtarsiknandanandanko dagamagaatpagadharvo ..1... | भूलीरीदधिमंथन करवो ।| देखतरसिकनंदनंदनको डगमगातपगधरवो ।।१॥।
रहिगई चितैचित्रजेसे एकटक नयन निमेषनपरवो ॥।
चतुर्भुज प्रभुगिरिधरन जनायो काहेतेंमोमनमाणिकहरवो ॥।२।। | Dadhi Manthan | NityaPad-181 | Bilawal |
Nandrani hoe dadhimandhankaren. baare kanhaiya arankije chhandab | नंदरानी हो दधिमंधनकरें। बारे कन्हैया आरनकीजे छांडअब
देहु मथानी॥।१॥ वारी मेरे मोहन कर पिरायेंगे कौनचितमें मतिठानी॥
हँसमुसकाय जननीतनचितये सुधि सागरकी आनी ॥२॥ जेगुण सरस्वति छंदनगाये
नेतिनेतिमूदुबानी ॥ परमानंदयशोदारानी सुत सनेह लपटानी ॥। ३॥ | Dadhi Manthan | NityaPad-181 | Bilawal |
Maharikahatari _ ladli kinamthansikhayo .. | महरिकहतरी _ लाडली किनमथनसिखायो ॥
कहूंमथनीकहुँमाट हैचितकहांलगायो ॥ १॥ क्योंमेरेघर आयके तेंसबविसरायो ॥।
मथननहीं. मोहिआवही . तुमसोहदिवायो ॥२॥ . तिहिकारन
मैंआयकें तुवबबोलरखायो ॥ तबनंदघरनीमधथिदधि यह भांतबतायो ॥३॥।
हँसिबोली तबराधिका कहो अबमोहि आयो ॥ सूरनिरखमुखस्यामको
तहांध्यानलगायो ॥४॥ | Dadhi Manthan | NityaPad-181 | Bilawal |
Ahodadhimathat ghokhaki raani .. | अहोदधिमथत घोखकी रानी ॥
दिव्यचीर पहरे दक्षिण केकटिकिंकिणी रुनझुनबानी ॥|१॥
सुतकेकर्मगावत आनंदभर बालचरित्र जियजानी ॥ श्रम जलबिंदु राजेबदन कमलपर मानोंशरद वरषानी ।।२।।
पुत्रसनेहचुचात पयोधर पुलकित अतिहरषानी ॥ गोविंदप्रभु घुटररुम चल आये पकीरीरही मधथानी ॥। ३॥॥ | Dadhi Manthan | NityaPad-182 | Ramkali |
Nekchitechalerilalan sakhee lejugayechitchor . | नेकचितेचलेरीलालन सखी लेजुगयेचितचोर ।
कबकी ठाडी चितवत प्रीतमकोप्रुसकानी मुखमोर ।।१॥
होंदेधिभथनकरत ही भवन में उड्कचले ब्रजराजकिशोर ।
लटपटीपाग केशविलुलित सखी नाजानो कहांतेउठआये भोर ॥२॥
सब निशजागे डगमगत धरतपग खिसखिसपरत पीतपटछोर |
गोविंदप्रभुकी लखीनजातगति ऐसीवह चतुरनागरी कोर ॥।३॥ | Dadhi Manthan | NityaPad-182 | Bilawal |
Anandsodedhimathi yashoda kanakamathaniyan ghoomen .. | आनंदसोदेधिमथति यशोदा कनकमथनियां घूमें ।।
नृत्यतकान्ह ललितलोचन पगधरतअटपटे भूमें ॥१॥ चारुचकोडामध्य
कुटिलकचश्रम मुक्ताताहूमें ॥ मानोमकरंदबिंदुलेमधुकर सुततहितप्यावत-
झूमें ॥२॥| बोलतस्यामतोतरी बतियांहँसहँस दतियांदूमें || सूरसर्व स्ववारोंछबिपर
जननीकमल मुख चूमें || ३॥। | Dadhi Manthan | NityaPad-182 | Bilawal |
Raikoghamarkohoy tyontyongiridharnachen | | रईकोघमरकोहोय त्योंत्योंगिरिधरनाचें |
तैसी यह किंकिणीध्वनि औरपगनूपुर रसहिमिलेस्वरदो य ॥॥१॥
कनककोकठुला ट्वैलरमोती बघनाराख्यो पोय ||
नंदनंदन मुखनिरखनकारण रहेसुरनरमुनि जोय ॥२॥
देखत बने कहतनहिंआबे उपमाकोयहां दीजेकोय ॥
सूरभवनको तिमिर नसायोसोसुखविलसत जननीयशोय ॥। ३॥ | Dadhi Manthan | NityaPad-182 | Bilawal |
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