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Sheetkal Ke Pad

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Kirtan Title
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Kirtan
Raag
Chhaude dey hoe laal daan kabakau lagai tihari .. anchar jinn gahau
Part1-260
छाॉडे दे हो लाल दान कबकौ लगै तिहारी ॥ अंचर जिन गहौ नंदलाल तुम दथि मठुकी कित छोरो ॥१॥ बहुत बेर मारग भाख्यौ ते अबके गहेन पाई छाँड़िहोी तब जब दान लैहों सारी ॥ चतुर बिहारी लेंहु दिन दिनकौ ईकठौरी तबही जान दैहों कहत नंदकौ दुलारो ॥२॥
Todi
Kankarwar tailang tilak twiz bando shrimad‌
Part2-293
कांकरवार तैलंग तिलक ट्विज बंदो श्रीमद्‌ लक्षमणनंद॥ श्रीत्रजराज शिरोमणि सुंदर भूतल प्रकटे बल्‍लभचंद )॥१ । अबगाहत श्रीविष्णुस्वामी पथ नवधा भक्ति रत्न रसकंद॥ दर्शनही प्रसन्न होत मन प्रकटे पूरण परमानंद॥२॥ कीरति बिशद कहांलो बरणों गावतलीला श्रुति सुरछंद॥ सगुणदास प्रभु षट्गुण संपन्न कलिजन उद्धरण आनंदकंद ॥३ ॥
Sarang
Tuu chala mero raakh maan .. way tou tihaaro magjobat hain tuu tou
NityaPad-325
तू चल मेरो राख मान ॥ वे तो तिहारो मगजोबत हैं तू तो निपट अयान ॥१॥ काहूकी कही सुन धरिये जियमें करिये अपने मनको सयान॥| उठ चल हिलमिल कहत गदाधर नेक न कर री तू काहू की कान ॥२॥।
Bihagaro
Karataharigwalan sangvichar .. chori makhankhahu subamil
NityaPad-185
करतहरिग्वालन संगविचार ॥ चोरी माखनखाहु सबैमिल करोबालविहार ॥९१॥ यहसुनत सबसखाहरखे भलीकहीकन्हाई ॥ हरिपरस्परदेततारी सोहकरीनंदराई ॥ २॥ कहांतुमयहबुद्धिपाई स्पामचतुरसुजान ॥। सूरप्रभु मिलग्वालबाल करतहैं अनुमान ॥। ३॥
Bilawal
Nita prati maanati sou dinn dekhon . ghuturuvan chalat paijani
Part1-155
नित प्रति मानति सो दिन देखों । घुटुरुवन चलत पैजनी बाजें जीवन जनम सुफल करि लेखों ॥१॥ रबकि उठाय लई कनियाँ पै बारबार लाल मुख पेखों । द्वारकेस प्रभु नीके लागत पलक ओट जिनि अर्ध निमेखों॥२॥
Bilawal
Jasomati god baithaay shaeyamko core
NityaPad-300
जसोमति गोद बैठाय शएयामको कोर देत अपने कर मुखमें।। बींजन करत परोसत मेवा देत दोउन के भुजमें ॥ १॥॥ करत बियारू हँसत परस्पर निरखत नंद जात दिन सुखमें | कहि भगवान हित रामराय प्रभु यह सुख भयो कोनहिं जुगमें ॥२॥
Kanharo
Horry aire mohan parr rung daro ..
Part3-382
होरी आईरे मोहन पर रंग डारो ॥ नैनन अंजन दे मन रंडन याके कान पकर गुलचा मारो ॥१॥ केसर में बोर करो रंग गारो सहे न रहे यह तन कारो ॥ बंसी लेहू छिनाय स्याम की फिर पांछे नोछावर वारो |॥|२॥
Hori-Kafi
Chaampat charan mohanlal |.
NityaPad-340
चांपत चरण मोहनलाल |। पलका पोढी कुंवरिराधे सुंदगी नवबाल ॥।१॥। कबहुं करगहि नयनमिलवत कबहुं छुवाबत भाल ॥। नंददास प्रभु छबिनिहारत प्रीतके प्रतिपाल ॥२॥
Bihaag
Saanchi kaho manmohan moso tou khelon tum sanga
Part3-023
सांची कहो मनमोहन मोसो तो खेलों तुम संग होरी ॥ आजु कि रैन कहाँ रहे मोहन कहां करी बरजोरी ॥१॥ मुख पर पीक पीठिपर कंकन हियें हार बिन डोरी ॥ जियमें ओर ऊपर कछु औरे चाल चलत कछु ओरी ॥२॥ मोहि बतावत मोहन नागर कहा मोहि जानत भोरी ॥ भोर भये आये हों मोहन बात कहत कछु जोरी ॥३॥ सूरदास प्रभु एसी न कीजे आय मिलो कहा चोरी | मनमानें त्यों कत नंदसुत अब आई डे होरी ॥७॥
Basant
Gahmau nand sub gopin miliken dehu hamari badhaai . akhil
Part1-047
गह्मौ नंद सब गोपिन मिलिकें देहु हमारी बधाई । अखिल भुवनकी जो है महासिधि सो तुमरे गृह आई ॥१॥ बाजत तूर करत कोलाहल मंगलचार सुहाई । क॑ंचुकी ऊपर कच लर लटकत ये छबि बरनि न जाई ॥२॥ दे दे कनिक पाटंबर भूषण ग्वाल सबै पहराई । परमानंद नंदके आंगन गोपी महानिधि पाई ॥३॥
Sarang
Latak lalrahe sriradhake bhar...
NityaPad-221
लटक लालरहे श्रीराधाके भर।॥ सुंदरबीरी बनाय सुंदरी हँस हँस जातदेत मोहनकर।।१॥ गोपीसब सन्मुखभाई ठाढीतिनसों केलि करत सुंदरवर॥ ज्यों चकोर चंदा तन चितवत त्यों आली निरखत गिरिवरधर | २॥ कुंजकुटी और बाग बृंदावन बोलत मोर कोकिला तरतर।। परमानंदस्वामी मोहन की हों वारी या लीलाछ॒बिपर॥३॥
Saarang
Ekasamen jasumati sakhiyanason baat kahat musikaay . moe dekhat
Part1-163
एकसमें जसुमति सखियनसों बात कहत मुसिकाय । मो देखत कबधों मेरौ लालन भूमि धरैगौ पाँय ॥१॥ पुनि मैया मोसों कब कहि है कुँवर कछ्ू हँसि आय । अरि है दूध दही के कारन तन गोरज लपटाय ॥२॥ खरिक दुहावन मोय जात ही आय मिलेंगे धाय | वह धीं चौस होइगी कबहूँ ललन हुहेंगे गाय ॥३॥ सोंपिहें सुत चरावन गैया सुनि सजनी नँंदराय । यह अभिलाष करति जसुमति जिय परमानेंद बलि जाय ॥४॥
Saarang
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