top of page

Sheetkal Ke Pad

To get full expanded Kritan text click on any column of the kirtan row in below table.

Kirtan Title
Page
Kirtan
Raag
Shyam juko sthaam manawat aaye .
NityaPad-232
श्याम जुको स्थाम मनावत आये । सनमुख व्हेके छुबावत मुकुटकी परछांये ॥१॥ इन दर्पन ले वे नाना करत हें छबिसों धसिके आये। सुरस्याम वृन्दावन जीवन छलसों हां हां खाये ॥२॥
Saarang
Dekhsakhiek adbhutaroop .. aeka ambujmadhyadekhiyatabisadhisa.._ ..1..
NityaPad-158
देखसखीएक अद्भुतरूप ।। एक अंबुजमध्यदेखियतबीसदधिसुतयूप.._ ॥१॥ एक अबली दोयजलचर उभयअर्कअनूप ॥ पंचवारजएकहीढिंग कहोकहास्वरूप ॥२॥ शिशुगत में भईशोभाअर्थकरोबिचार | सूरश्रीगोपालकी छब्रि राखिये उरधार ॥। ३॥
Bilawal
Aisee preeti kahoon naheen dekhi ..
NityaPad-225
ऐसी प्रीति कहूं नहीं देखी ।। यशुमति सुत श्रीवह्ठभसुत जैसी शेष सहख्रमुख जात नलेखी ॥।१॥ आज्ञामांग चले श्रीगोकुल फिरफिर झांक झरोखन पेखी ।। सुनियत कथा जलदचातककी कुमुदिनि चंद्रचकोर विषेखी ॥२॥ इनको कियो सरब्ब जिय भावत करत श्रुंगार विचित्र विषेखी ॥ गोविंदगोवर्धनपें मांगत बिछुरो पलछिन अर्द्धनममेखी ।। ३।।
Saarang
Laadali or laal jenwat douu ..
NityaPad-081
लाड़ली ओर लाल जेंवत दोऊ ॥ रतन जटित चोकी धरी सनमुख तापर कंचन थार रहे लस ॥। १॥ मधु मेवा पकवान मिठाई पुरी दुध मलाई प्यारी सेहेत हरी जेवन बेठे राधघदास बलजाई ॥॥ २॥
Nat
Kunj bhawan key aangan dolat lai curr phool chhari nandlala ..
NityaPad-252
कुंज भवन के आंगन डोलत लै कर फूल छरी नंदलाला ॥ करि चंदन की खोर मनोहर पहिरे विविध कुसुम की माला ॥१॥ छूटत है चहूं और फुहारे ढोरत बींजना सब वृजबाला ले कर गेंद खिलावत प्यारी “कृष्ण दास' प्रभु नैंन बिसाला ॥२॥|
Saarang
Arrie sakhee saanwari akeli yaa vann kahaante aaeen. tarun tarun
Part1-277
एरी सखी सांवरी अकेली या वन कहांते आईं। तरुन तरुन चमकत तेरे नैना श्री राधाके मन भाई ॥१॥ नंदगामकी ग्वालिनी हों श्यामा मेरे नाम । सांझी खेल कुशल सुनि राधे दरसन ही को काम ॥२॥जब ललिता भुज भरि लई अपने राधे सूं भेटाई । नये नेह सों मिलत परस्पर बरसाने ले आई ॥३॥ सांझी भरत धरत बहु मेवा बीरा विधिसों बनाई । ले ले तन मन आरती उतारत फूली अंग न समाई ॥४॥ भई अवार कीरति जू बोली सोई रहो तुम हाई । “आरतराम” प्रभु तन मन वारत सुख लूटत सुखदाई ॥५॥
Jangalo
Dagmagaat aaye natnagar .. kachhut joombhaat alsaat bhor bhaye
NityaPad-143
डगमगात आये नटनागर ॥ कछुत जूंभात अलसात भोर भये अरूण नयन घूमत निश जागर ॥१॥ रसिक गोपाल सुरत रणको यश सकल चिन्ह लिखलिये उरकागर ॥ चतुर्भुजप्रभु गिरिधर कुंज गढ रति पति जीत्यो रतिपति सुखसागर ॥२॥
Bhairav
Kahat jasoda sub sakhiyan soun aavo baitho mangal
Part2-244
कहत जसोदा सब सखीयन सों आवो बैठो मंगल गाबो॥ हे गनगोरकी तीज रंगीली मदन मोहनकों लाड लडाबो ॥१॥ ललिता चन्द्रभगा चन्द्रावली बेग जाय राधा ले आवबो॥ स्थामा चतुरा रसिका भामा तुम पीयकों सिंगार बनावो ॥२ ॥ पहोपमाल ले उर पहेराबो ॥ ध्याया दुर्गा हरखा बहुला ले दरपन कर बेनु गहावो ॥३ ॥ नबला अबला नीला सीला गुंजापुवाले भोग धरावो ॥ हीरा रत्ना मेना मोहोला ले चला तूंप तान सुनाओ ॥४ ॥ घूमर खेलो मन रस झेलो नेह मेह बरखा ॥ कृष्णदास प्रभु गिरिधरको सुख निरख निरख दोउ नेन सिरावो ॥५ ॥
Saarang
Tere lochan lalach karat .. piyake nayanan sanmukh chitwat
NityaPad-114
तेरे लोचन लालच करत ॥ पियके नयनन सन्मुख चितवत धूले नेंक न टरत || ९॥ कवहुक सुमुख्त्रि तिरछे व्हैके नवरंगकों मनहरत ॥ कृष्णदास प्रभु गिरिधरनागर सेनन दै दै लरत ॥।२॥
Adano
Firi pachhitaaigi hoe radha .. kitt tuu kitt hari
Part3-355
फिरि पछिताइगी हो राधा ॥ कित तू कित हरि कित यह औसर करत प्रेमरस बाधा ॥१॥ बहोरि गुपाल भेख कब धरि हैं कब इन कूंजन बसि है ॥ यह जडता तेरे जिय उपजी चतुर नारि सुनि हँसि है ॥२॥ रसिक गुपाल सुनति सुख उपजै आगम निगम पुकारें ॥ “परमानँद” स्वामी पै आवति कौ यह नीति बिचारै ॥३॥
Basant
Dharey teddy paag tedhhi chandvika tedhe tribhangilal..
NityaPad-105
धरे टेडी पाग टेढी चंद्विका टेढे त्रिभंगीलाल॥ कुंडलकिरण मानोंकोटि रवि उदय होत उर राजत वनमाल ॥। १॥ सांवरे बदन पीतांबर ओढे बजावतमुरली मधुर रसाल ॥ नंददास बनते ब्रज आवत संगलिये व्रजबाल ॥।२॥।
Poorvi
Harikon beeri khabawat baalaa ..
NityaPad-221
हरिकों बीरी खबावत बाला ॥ अतिसुगंध बहुविधिसों सँवारी लीजे हो नंदलाला॥१॥ खासाको कटिधर्‌यो पिछोरा उरराजतवनमाला ॥ मुरारीदास प्रभुकी छबिनिरखत मग्नहोत ब्रजबाला ॥२॥
Saarang
Page 1 of 1

© 2026 All rights reserved. Vaishnav Samaj of RTP, DBA - Krishnadham-VYO 

bottom of page